क्या हैं सौर हवाएं, सोलर फ्लेयर और कोरोनल मास इजेक्शन? समझिए इनके बीच का फर्क
पृथ्वी समेत बाकी ग्रहों को ऊर्जा देने वाले हमारे सूर्य में भी कई गतिविधियां होती रहती हैं। अक्सर हम ‘सोलर फ्लेयर', ‘कोरोनल मास इजेक्शन' और ‘सोलर विंड' जैसी घटनाओं के बारे में सुनते हैं और इनसे जुड़ी खबरें पढ़ते हैं। सूर्य में होने वाली इन एक्टिविटीज का असर कई बार पृथ्वी तक होता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के नजरिए से आज हम इन तीन गतिविधियों के बारे में जानेंगे, साथ ही यह भी समझेंगे कि इनमें आपस में क्या अंतर है। कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कोरोनल मास इजेक्शन या CME, सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्नेटिक फील्ड में फैल जाते हैं। अंतरिक्ष में घूमने की वजह से इनका विस्तार होता है और अक्सर यह कई लाख मील की दूरी तक पहुंच जाते हैं। कई बार तो यह ग्रहों के मैग्नेटिक फील्ड से टकरा जाते हैं। जब इनकी दिशा की पृथ्वी की ओर होती है, तो यह जियो मैग्नेटिक यानी भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। इनकी वजह से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। इनका असर ज्यादा होने पर य...