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क्‍या हैं सौर हवाएं, सोलर फ्लेयर और कोरोनल मास इजेक्शन? समझिए इनके बीच का फर्क

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पृथ्‍वी समेत बाकी ग्रहों को ऊर्जा देने वाले हमारे सूर्य में भी कई गतिविधियां होती रहती हैं। अक्‍सर हम ‘सोलर फ्लेयर', ‘कोरोनल मास इजेक्शन' और ‘सोलर विंड' जैसी घटनाओं के बारे में सुनते हैं और इनसे जुड़ी खबरें पढ़ते हैं। सूर्य में होने वाली इन एक्टिविटीज का असर कई बार पृथ्‍वी तक होता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के नजरिए से आज हम इन तीन गतिविधियों के बारे में जानेंगे, साथ ही यह भी समझेंगे कि इनमें आपस में क्‍या अंतर है।    कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कोरोनल मास इजेक्शन या CME, सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड में फैल जाते हैं। अंतरिक्ष में घूमने की वजह से इनका विस्‍तार होता है और अक्‍सर यह कई लाख मील की दूरी तक पहुंच जाते हैं। कई बार तो यह ग्रहों के मैग्‍नेटिक फील्‍ड से टकरा जाते हैं। जब इनकी दिशा की पृथ्‍वी की ओर होती है, तो यह जियो मैग्‍नेटिक यानी भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। इनकी वजह से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। इनका असर ज्‍यादा होने पर य...

चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) ने सोलर प्रोटॉन इवेंट्स का पता लगाया

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First Published: February 25, 2022 | Last Updated:February 25, 2022 चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के ‘चंद्रयान-2 लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (क्लास)’ पेलोड ने हाल ही में सौर प्रोटॉन घटनाओं का पता लगाया। मुख्य बिंदु  सोलर प्रोटॉन इवेंट्स अंतरिक्ष में मनुष्यों के लिए विकिरण जोखिम में काफी वृद्धि करते हैं। क्लास पेलोड (CLASS Payload) ने 18 जनवरी, 2022 को कोरोनल मास इजेक्शन (CME) भी दर्ज किया। इस तरह के बहु-बिंदु अवलोकन (multi-point observations) खगोलविदों को प्रसार और विभिन्न ग्रह प्रणालियों पर इसके प्रभाव को समझने में मदद करते हैं। कोरोनल मास इजेक्शन (CME) क्या है? कोरोनल मास इजेक्शन आयनित सामग्री और चुंबकीय क्षेत्रों की एक शक्तिशाली धारा है, जो कुछ दिनों बाद पृथ्वी पर पहुंचती है। इसने भू-चुंबकीय तूफानों को जन्म दिया और ध्रुवीय आकाश को औरोरा (aurora) से रोशन किया। सोलर फ्लेयर्स कब उत्पन्न होती है? जब सूर्य सक्रिय होता है, तो विस्फोट होते हैं जिन्हें सौर ज्वाला (solar flares) कहा जाता है। इस तरह की घटना कभी-कभी ऊर्जावान कणों को इंटरप्लेनेटरी स्पेस ...

वैज्ञानिकों ने दी सौर तूफान की चेतावनी : सूर्य से आएंगी ज्वाला, जानें पृथ्वी पर क्या होगा असर

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वैज्ञानिकों ने एक सौर तूफान की चेतावनी जारी की है। एक विशेषज्ञ ने कहा है कि बहुत जल्‍द सूर्य से कम से कम दो "बिग-फ्लेयर प्लेयर्स" या कहें ज्‍वालाएं आ सकती हैं। अंतरिक्ष मौसम भौतिक विज्ञानी डॉ. तमिथा स्कोव ने कहा कि कई सनस्पॉट क्लस्टर को पृथ्‍वी से भी देखा जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि फ‍िलहाल इस तूफान का फोकस पृथ्‍वी की तरफ नहीं है, लेकिन हम हाई अलर्ट पर हैं। सोलर एक्टिविटी के प्रमुख तौर पर 4 घटक हैं। इनमें शामिल हैं- सोलर फ्लेयर्स, कोरोनल मास इजेक्शन, हाई-स्पीड सोलर विंड और सोलर एनर्जी पार्टिकल्स। तो, क्या ये सौर गतिविधियां पृथ्वी को प्रभावित करती हैं? नासा के अनुसार, सौर ज्वालाएं पृथ्वी पर तभी असर डालती हैं, जब वो सूर्य के पृथ्‍वी वाले हिस्‍से की तरफ होती हैं। इसी तरह कोरोनल मास इजेक्शन भी पृथ्‍वी पर तभी असर डालेंगे, जब सूर्य के पृथ्‍वी वाले हिस्‍से से बाहर आएंगे। सूर्य से निकाला गया चुंबकीय क्षेत्र और प्‍लाज्‍मा के विशाल बादल को कोरोनल मास इजेक्शन कहते हैं।  डॉ. तमिथा स्कोव को कोट करते हुए एक्‍सप्रेस ने लिखा है कि इन सब वजहों से पूरे ग्रह में कुछ हैरान करने वाली चीजें ...