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19 जून : विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस (World Sickle Cell Awareness Day)

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First Published: June 19, 2022 | Last Updated:June 19, 2022 विश्व सिकल सेल दिवस हर साल 19 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 दिसंबर, 2008 को सिकल सेल रोग को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता देने के लिए एक प्रस्ताव अपनाया। मुख्य बिंदु यह एक अनुवांशिक रोग है, इसमें लाल रक्त कोशिकाएं गोलाकार के बजाय दरांती (sickle) के आकार की होती हैं। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूज़न की ज़रुरत पड़ती है। इस रोग के लक्षण इस प्रकार हैं : सांस लेने में तकलीफ कमजोर प्रतिरक्षण क्षमता बार-बार संक्रमण होना शरीर का कम विकास देखने में कठिनाई हाथ व पैर में सूजन सिकल सेल रोग (Sickle Cell Disease – SCD) क्या है? SCD सबसे प्रचलित विरासत में मिला (inherited) रक्त विकार या आनुवंशिक लाल रक्त कोशिका विकार है। सिकल सेल विकार वाले लोगों के पास पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं होती हैं जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाती हैं। यह भारत में कई आदिवासी आबादी समूहों के बीच व्यापक है। कई लागत प्रभावी हस्तक्षेपों ने भारत में SCD से ...

15 जून : विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day)

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First Published: June 15, 2022 | Last Updated:June 15, 2022 विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day) हर साल 15 जून को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में बुजुर्ग आबादी के साथ दुर्व्यवहार (मौखिक, शारीरिक या भावनात्मक) के बारे में जागरूकता बढ़ाता है। पृष्ठभूमि 15 जून को बुजुर्गों के लिए एक विशेष दिन के रूप में घोषित करने के अनुरोध के बाद जून 2006 में इस दिन को मनाया जाने लगा। हालाँकि, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने आधिकारिक तौर पर 2011 में इस दिन को मान्यता दी थी। महत्व 2021 में, कोविड-19 महामारी के मद्देनजर यह दिन अधिक प्रासंगिक है, जिसने दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। महामारी वृद्ध लोगों के लिए भय और पीड़ा का कारण बन रही है। उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करने के अलावा, महामारी वृद्ध लोगों को गरीबी, भेदभाव और अलगाव के प्रति संवेदनशील बना रही है। इसके अलावा, वृद्ध आबादी को मृत्यु दर का खतरा है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के 66 प्रतिशत लोगों में कम से कम एक अंतर्नि...

13 जून: अंतर्राष्ट्रीय ऐल्बिनिज़म जागरूकता दिवस (International Albinism Awareness Day)

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First Published: June 13, 2022 | Last Updated:June 13, 2022 हर साल, अंतर्राष्ट्रीय ऐल्बिनिज़म जागरूकता दिवस (International Albinism Awareness Day) 13 जून को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में ऐल्बिनिज़म से प्रभावित व्यक्तियों के मानवाधिकारों का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। मुख्य बिंदु यह दिन दुनिया भर में जागरूकता पैदा करने और ऐल्बिनिज़म से पीड़ित लोगों द्वारा सामना किए जाने वाले भेदभाव के कई रूपों पर प्रकाश डालने के लिए मनाया जाता है।  इस दिवस का उद्देश्य यह सन्देश देना है कि यद्यपि ऐल्बिनिज़म से पीड़ित लोग भेदभाव का सामना कर रहे हैं, दुनिया उन्हें भेदभाव और हिंसा से मुक्त करने के लिए उनके साथ खड़ी है। इस दिन को संयुक्त राष्ट्र द्वारा चिह्नित किया जाता है । रंगहीनता (Albinism) ऐल्बिनिज़म आनुवंशिक रूप से विरासत में मिला है, गैर-संक्रामक है  और इसके परिणामस्वरूप त्वचा, आंखों और बालों में रंजकता (pigmentation) की कमी होती है। यदि माता-पिता दोनों में ऐल्बिनिज़म का जीन है, जो जन्म के समय बच्चा भी इससे प्रभावित हो सकता है। यूरोप और उत्तरी अमेरिक...

‘प्रकृति’: पर्यावरण जागरूकता शुभंकर लांच किया गया

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First Published: April 8, 2022 | Last Updated:April 8, 2022 5 अप्रैल, 2022 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ‘प्रकृति’ नाम के शुभंकर (mascot) को लांच किया। यह शुभंकर देश के लोगों में उन छोटे बदलावों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है जो देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण में योगदान कर सकते हैं। मुख्य बिंदु  शुभंकर ‘प्रकृति’ का शुभारंभ एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (single-use plastic) के उन्मूलन की दिशा में एक और कदम है। इस शुभंकर के लांच के साथ, कई अन्य हरित पहलें भी शुरू की गईं। सरकार की योजना 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने की है। देश में सालाना 35 लाख टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। इससे वायु प्रदूषण के साथ-साथ देश के पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अन्य पहल एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के उन्मूलन पर राष्ट्रीय डैशबोर्ड इस डैशबोर्ड को केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों आदि सहित सभी हितधारकों को एक साथ लाने और प्रभावी प्लास्टिक...

जम्मू-कश्मीर में सुगंधित पौधों की खेती पर जागरूकता अभियान शुरू किया गया

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First Published: January 19, 2022 | Last Updated:January 19, 2022 जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लक्ष्य के साथ सरकार ने जम्मू-कश्मीर में एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्य बिंदु कश्मीर में सुगंधित पौधों (aromatic plants) की खेती, प्रसंस्करण को लेकर उत्पादकों के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जलवायु की दृष्टि से, कश्मीर घाटी विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फलों और अच्छी मात्रा में पौधों की सामग्री के उत्पादन के लिए उपयुक्त है जिसका उपयोग औषधीय और सुगंधित गतिविधियों में किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में उत्पादकों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य युवाओं को सुगंधित पौधों की खेती में शामिल करने के लिए जागरूकता पैदा करना है। अभियान का महत्व इन पौधों की मदद से उत्पादक और युवा उद्यमी अपनी इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। वे रोजगार पैदा करने के लिए अन्य लोगों को भी शामिल करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें खेती और प्रसंस्करण का ज्ञान मिलेगा। इस कार्यक्रम के तहत, वैज्ञानिक और विद्वान अपने ज्ञान को साझा करते हैं ताकि उत्पादकों ...