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Nasa ने खोज निकाला ‘नर्क’! जल्‍द नजर आएगी जलती दुनिया की पहली झलक

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अगले कुछ हफ्तों में दुनिया दो ऐसे ग्रहों को देख सकती है, जो कहने के लिए तो ‘सुपर अर्थ' हैं, पर किसी ‘नर्क' से कम नहीं हैं। अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप- जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप इन ग्रहों को सामने ला सकता है। ये दोनों ‘सुपर अर्थ' हमसे 50 प्रकाश वर्ष दूर हैं। इनमें से एक ग्रह का नाम है ‘55 कैनरी ई' (55 Cancri e)। यह ग्रह अपने सूर्य के इतने करीब से चक्‍कर लगाता है कि इसकी सतह बेहद गर्म है। इतनी गर्म की आप इसे आग का गोला भी समझ सकते हैं।   रिपोर्टों के अनुसार, ‘55 कैनरी ई' अपने तारे से 15 लाख मील से भी कम दूरी पर स्थित है। नासा के मुताबिक, यह दूरी हमारे सूर्य और बुध ग्रह के बीच की दूरी का भी 1/25वां भाग है। इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह ग्रह कितना गर्म होगा। माना जाता है कि यह ग्रह गर्म लावा के सागरों से ढका हुआ है। इसकी सतह का तापमान बेहिसाब हो सकता है, जो बुध ग्रह के तापमान से भी कई गुना ज्‍यादा हो सकता है।  सोचिए अगर पृथ्‍वी अपने सूर्य के इतने करीब होती, जिसमें एक साल का समय कुछ घंटों में ही पूरा हो जाता। इतनी गर्म होती कि महासागर उबल र...

मंगल ग्रह पर सबसे बड़ा भूकंप खोजने वाला Nasa का इनसाइट लैंडर जल्‍द हो सकता है खत्‍म

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के मंगल मिशन को झटका लगा है। उसका एक स्‍पेसक्राफ्ट बर्बाद होने की ओर है। नासा के इनसाइट (Insight) लैंडर पर जमा हुई धूल की वजह से लैंडर अपनी बिजली खो रहा है। अंतरिक्ष एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि वह इस स्‍पेसक्राफ्ट के भूकंपमापी का इस्तेमाल तब तक करती रहेगा, जब तक कि जुलाई में इसकी बिजली खत्म नहीं हो जाती। नासा ने बताया है कि फ्लाइट कंट्रोलर सब कुछ बंद करने से पहले इस साल के आखिर तक इनसाइट को मॉनिटर करेंगे।  साल 2018 में मंगल ग्रह पर उतरने के बाद से इनसाइट ने 1,300 से ज्‍यादा भूकंपों का वहां पता लगाया है। हाल ही में इसने मंगल ग्रह पर आए अब तक के सबसे बड़े भूकंप को रिकॉर्ड किया था, जिसकी तीव्रता 5 मापी गई थी। यह नासा का दूसरा मंगल ग्रह लैंडर होगा, जो धूल में खो गया है और जल्‍द बर्बाद हो सकता है।  हालांकि मंगल ग्रह की सतह पर नासा के दो और स्‍पेसक्राफ्ट अभी काम कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं- रोवर्स क्यूरियोसिटी और पर्सिवरेंस। इनसाइट को लेकर इस मिशन की डेप्‍युटी प्रोजेक्‍ट मैनेजर कात्या जमोरा गार्सिया ने कहा है कि शुरू में लैंडर में एक घंटे 40 मिनट के लि...

भारत के लिए बहुत जल्द शुरू होगी MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर के डिलीवरी

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First Published: February 22, 2022 | Last Updated:February 22, 2022 रक्षा अधिकारियों के अनुसार, तीन MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों का पहला बैच जुलाई 2022 तक भारत आने की संभावना है। भारतीय नौसेना ने  अमेरिका से MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था। मुख्य बिंदु छह कामोव केए-31 अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टर खरीदने की भी तैयारी की जा रही है। जुलाई 2021 में अमेरिका में भारतीय नौसेना को तीन हेलीकॉप्टर भेजे गए थे। वर्तमान में इनका उपयोग पेंसाकोला, सैन डिएगो और फ्लोरिडा में भारतीय पायलटों के प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा है। यह दशकों में जहाजों पर तैनाती के लिए भारतीय नौसेना का पहला महत्वपूर्ण हेलीकॉप्टर शामिल होने जा रहा है। भारतीय नौसेना के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर कई भारत-विशिष्ट उपकरणों और हथियारों से लैस होंगे। MH-60R हेलीकॉप्टर सी किंग 42/42A हेलीकॉप्टरों की जगह लेंगे, जिन्हें 1990 के दशक में सेवा से हटा दिया गया था। ये हेलीकॉप्टर फ्रंटलाइन जहाजों और विमानवाहक पोतों से संचालित होंगे।  MH-60R हेलीकॉप्टरों के सौदे पर कब हस्ताक्षर किए गए थे? फरवरी 20...