भारत की सबसे लंबी सुरंग जोजिला प्रोजेक्ट में अहम भूमिका निभा रहे स्थानीय कश्मीरी
बांदीपोरा के बाबा लतीफ ने कहा, "मैंने कड़ी मेहनत और लगन से सीखा है. हाइड्रोलिक रिग जैसी ऑपरेटिंग मशीन मेरे लिए बहुत आसान है, मुश्किल काम नहीं है. जब मैं सुरंग के बीच में ड्रिल करता हूं तो कोई डर नहीं होता." श्रमिकों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में रेलवे, सड़क और बिजली की प्रमुख परियोजनाओं में काम करने के बाद उनके पास अनुभव है. सुरंग में पाइपिंग सिस्टम लगाने वाले अनंतनाग के सरताज अहमद ने कहा, "हमारे पास टनलिंग परियोजनाओं में विशेषज्ञता है. मैं पाइपिंग, मोटर उपयोग आदि को संभाल सकता हूं. यह चौथी ऐसी परियोजना है, जिसमें मैं काम कर रहा हूं." 200 इंजीनियरों में से आधे से ज्यादा स्थानीय भी हैं. वहीं भूवैज्ञानिक विशेषज्ञ मेराजुदीन ने कहा, "हम तीन भूगर्भीय संरचनाओं का सामना करते हैं. अभी हम जोजिला गठन में हैं जो सबसे चुनौतीपूर्ण है." परियोजना प्रबंधक ने वर्करों के तेजी से काम करने को लेकर इसमें स्थानीय लोगों की भूमिका की प्रशंसा की है. प्रोजेक्ट मैनेजर हरपाल सिंह ने कहा, "मैं पूरी तरह से उन पर भरोसा कर रहा हूं. वे मेरे लिए इतना उत्पादन क...