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बालिका पंचायत पहल (Balika Panchayat Initiative) क्या है?

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First Published: June 20, 2022 | Last Updated:June 20, 2022 भारत की पहली बालिका पंचायत, जिसे “बालिका पंचायत” कहा जाता है, गुजरात के कच्छ जिले के कई गांवों में शुरू की गई थी। बालिका पंचायत पहल बालिका पंचायत पहल लड़कियों के सामाजिक और राजनीतिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ राजनीति में लड़कियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह पहल किस विभाग ने शुरू की? बालिका पंचायत पहल गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई थी। इसे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू किया गया है। गुजरात के किस जिले को होगा फायदा? वर्तमान में यह पहल गुजरात के कच्छ जिले के कुनारिया, मोटागुआ, मस्का और वडसर गांवों में शुरू की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पूरे भारत में बालिका पंचायत शुरू करने की योजना बना रहा है। बालिका पंचायत का प्रबंधन कौन करता है? “बालिका पंचायत” का प्रबंधन 11-21 वर्ष की आयु के लोग करते हैं। बालिका पंचायत के उद्देश्य बालिका पंचायत का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के सामाजिक और राजनीतिक विकास...

पल्ली: भारत की पहली ‘कार्बन-न्यूट्रल पंचायत’

First Published: April 27, 2022 | Last Updated:April 27, 2022 जम्मू के सांबा जिले में स्थित पल्ली गाँव कार्बन न्यूट्रल, पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली भारत की पहली पंचायत बन गई है, और इसके सभी रिकॉर्ड डिजिटल हो गए हैं जो केंद्रीय योजनाओं के सभी लाभों को आसानी से प्राप्त करने में मदद करेंगे। मुख्य बिंदु  प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्बन-न्यूट्रल पंचायत में 500 किलोवाट के सोलर प्लांट का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के साथ पल्ली कार्बन-न्यूट्रल बनने वाली देश की पहली पंचायत बन गई है। तीन सप्ताह के रिकॉर्ड समय में पल्ली में 500 किलोवाट का सौर संयंत्र स्थापित किया गया। पल्ली ने देश को कार्बन-न्यूट्रल बनाने के ग्लासगो लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पल्ली को अब एक आदर्श पंचायत के रूप में देखा जाएगा, और यह जम्मू-कश्मीर और भारत की अन्य पंचायतों को कार्बन-न्यूट्रल बनने के लिए प्रेरित करेगा। पल्ली में कुल 6,408 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 1500 सोलर पैनल लगाए गए हैं। ये सोलर पैनल पंचायत में स्थित 340 घरों को स्वच्छ बिजली मुहैया कराएंगे। जो बिजली पैदा होगी उसका व...

कुंबलंगी : भारत की पहली सैनिटरी-नैपकिन-फ्री पंचायत

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First Published: January 14, 2022 | Last Updated:January 14, 2022 कोचीन का कुंबलंगी गाँव भारत की पहली सैनिटरी-नैपकिन-मुक्त पंचायत बनने जा रहा है। मुख्य बिंदु इस गांव ने पहले भारत के पहले मॉडल पर्यटन गांव के रूप में प्रशंसा प्राप्त की है। यह कदम ‘अवलकायी’ (Avalkayi) पहल का एक हिस्सा है, जिसे HLL प्रबंधन अकादमी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की “थिंगल योजना” के सहयोग से एर्नाकुलम संसदीय क्षेत्र में लागू किया जा रहा है। अवलकायी पहल इस पहल के तहत कुंबलंगी गांव में 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मेंस्ट्रुअल कप (menstrual cups) बांटे जाएंगे। इसके तहत 5000 मासिक धर्म कप बांटे जाएंगे। आदर्श गांव इसी आयोजन में राज्यपाल कुंबलंगी गांव को भी आदर्श गांव घोषित करेंगे। आदर्श ग्राम परियोजना को ‘प्रधानमंत्री संसद आदर्श ग्राम योजना (PM-SAGY)’ के एक भाग के रूप में लागू किया गया है। गांव में एक नया पर्यटन सूचना केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। कुंबलंगी ( Kumbalangi) कुंबलंगी एक द्वीप गांव है, जो केरल के कोच्चि शहर के बाहरी इलाके में स्थित है। यह एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण ...