Posts

Showing posts with the label यदध

रूस-यूक्रेन युद्ध सेमीकंडक्टर आपूर्ति को कैसे प्रभावित कर रहा है?

Image
First Published: March 16, 2022 | Last Updated:March 16, 2022 वैश्विक सेमीकंडक्टर चिप आपूर्ति श्रृंखला जो पहले COVID-19 महामारी की चपेट में थी, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण फिर से संकट का सामना कर सकती है। रूस और यूक्रेन दोनों वैश्विक अर्धचालक आपूर्ति श्रृंखला में योगदान करते हैं। यूक्रेन का योगदान यूक्रेन नियॉन गैस के दुनिया के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, जिसका उपयोग चिप निर्माण प्रक्रिया में किया जाता है। इस प्रकार, सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए नियॉन गैस का उपयोग महत्वपूर्ण है। 1991 में USSR के विघटन के बाद, यूक्रेन में नियॉन गैस का उत्पादन बढ़ा है। नियॉन गैस इस्पात उत्पादन का उपोत्पाद (byproduct) है। यह स्टील के निर्माण के दौरान निकलने वाली गैसों के निस्पंदन द्वारा निर्मित होता है। रूस का योगदान रूस पैलेडियम (Palladium) का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है और रूस पर मौजूदा प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण पैलेडियम की वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित करेगा। पैलेडियम अपनी चालकता और गैर-संक्षारक क्षमता के लिए जाना जाता है और इस प्रकार सेमीकंडक्टर उद्योग...

रूस-यूक्रेन युद्ध का असर : ब्रिटिश कंपनी वनवेब ने रूस के बैकोनूर से सैटेलाइट लॉन्‍च रोके

Image
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का असर अब तमाम प्रोजेक्‍ट्स पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रिटिश सैटेलाइट कंपनी वनवेब (OneWeb) ने कजाकिस्तान में रूस के बैकोनूर कोस्मोड्रोम से सभी लॉन्‍च को सस्‍पेंड करने का फैसला किया है। दरअसल, रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) ने यह गारंटी मांगी थी कि उसकी तकनीक का इस्‍तेमाल सैन्‍य मकसदों के लिए नहीं किया जाएगा। इसके बाद ‘वनवेब' ने अपने सभी लॉन्‍च सस्‍पेंड करने का फैसला किया है। वनवेब में हिस्सेदारी रखने वाली ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वह इस फैसले का समर्थन करती है।   सरकार ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से हम रूसी सहयोग से जुड़ी सभी दूसरे प्रोजेक्‍ट्स में अपनी भागीदारी को रिव्‍यू कर रहे हैं। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस की ओर से रिलीज की गईं तस्वीरों के अनुसार, बुधवार को बैकोनूर कोस्मोड्रोम के एक लॉन्चपैड से 36 वनवेब सैटेलाइट्स को ले जाने वाले सोयुज रॉकेट को हटा दिया गया।  रिपोर्ट के मुताबिक, रोस्कोस्मोस के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने बुधवार को कहा कि उनकी एजेंसी चाहती है कि वनवेब इस बात की गारंटी दे कि रूस के खिलाफ उसके...

एनोनिमस (Anonymous) हैकर ग्रुप ने रूस के खिलाफ साइबर युद्ध की घोषणा की

Image
First Published: March 1, 2022 | Last Updated:March 1, 2022 एनोनिमस (Anonymous) एक अंतर्राष्ट्रीय हैक्टिविस्ट समूह और आंदोलन है जो सरकारी एजेंसियों और संस्थानों, सरकारों, निगमों के खिलाफ साइबर हमलों के लिए जाना जाता है। मुख्य बिंदु  2003 में, एनोनिमस की उत्पत्ति इमेजबोर्ड 4chan पर हुई थी। यह एक साथ डिजीटल अराजक हाइवमाइंड के रूप में काम करने वाले कई ऑफ़लाइन और ऑनलाइन समुदाय उपयोगकर्ताओं के विचार का प्रतिनिधित्व करता है। Anonymous के सदस्यों को Anons कहा जाता है। अपनी पहचान छुपाने के लिए Anons गाइ फॉक्स मास्क (Guy Fawkes masks) पहनते हैं। कुछ Anons अपनी आवाज़ को छिपाने के लिए वॉइस चेंजर या टेक्स्ट-टू-स्पीच टूल का उपयोग करते हैं। साइबर हमला यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद, एनोनिमस  ने रूस के खिलाफ साइबर युद्ध की घोषणा की और सरकारी वेबसाइटों को टारगेट किया।एनोनिमस ने बेलारूसी हथियार फर्म टेट्राएडर से 200GB ईमेल भी जारी किया, जिसने यूक्रेन पर आक्रमण के दौरान रूस को सैन्य सहायता की पेशकश की थी। इसके अलावा, एनोनिमस ने रूसी टेलीविजन चैनलों में हैक किया, यूक्...

रूस-यूक्रेन युद्ध का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Image
First Published: February 27, 2022 | Last Updated:February 27, 2022 24 फरवरी, 2022 को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में एक सैन्य अभियान की घोषणा की, जिसे यूक्रेनी विदेश मंत्री द्वारा “पूर्ण पैमाने पर आक्रमण” करार दिया गया है। मुख्य बिंदु अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के इस कदम को “एक अकारण और अनुचित हमला” कहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी रूस पर प्रतिबंध लगाकर रूसी आक्रमण का जवाब दे रहे हैं। ऊर्जा पर प्रभाव आक्रमण के परिणामस्वरूप, कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 7 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। 2014 के बाद पहली बार ब्रेंट ऑयल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बढ़ीं। रूस दुनिया भर में ऊर्जा का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। यूरोप अपनी तेल आपूर्ति के साथ-साथ अपनी गैस के एक तिहाई हिस्से के लिए रूस पर निर्भर है। जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के अनुसार, रूस-यूक्रेन संकट के कारण दूसरी तिमाही में तेल की कीमतें औसतन 110 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना है। रूस के तेल निर्यात के लिए चीन सबसे बड़ा एकल ग्राहक है। जबकि रूस के कुल कच्चे तेल ...

अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti) को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में क्यों विलीन किया गया?

Image
First Published: January 21, 2022 | Last Updated:January 21, 2022 इंडिया गेट में स्थित अमर जवान ज्योति का राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial – NWM) में अखंड ज्योति में विलय किया गया। मुख्य बिंदु एक छोटे से समारोह में अमर जवान ज्योति ज्वाला का एक हिस्सा लिया गया और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में ज्योति के साथ मिला दिया गया, जो इंडिया गेट के दूसरी तरफ 400 मीटर दूर है। इस समारोह की अध्यक्षता एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल बी.आर. कृष्णा ने की। अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti) अमर जवान ज्योति का निर्माण भारतीय सैनिकों के लिए एक स्मारक के रूप में किया गया था, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध में कार्रवाई में वीरगति को प्राप्त हुए थे। भारत ने 1971 के युद्ध में जीत हासिल की थी, जिससे बांग्लादेश का निर्माण हुआ। अमर जवान ज्योति का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972 को किया था। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी, 2019 को एनडब्ल्यूएम का उद्घाटन किया था राष्ट्रीय युद्ध स्मारक ...