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द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) कौन हैं?

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First Published: June 22, 2022 | Last Updated:June 22, 2022 हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामित किया है। चुनाव जीतने के बाद वे भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) द्रौपदी मुर्मू भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं। उनका जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुआ था। वे आदिवासी समाज से सम्बंधित हैं। उन्हें 1997 में रायरंगपुर नगरपंचायत का कौंसिलर चुना गया था। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया है। ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल गठबंधन सरकार के दौरान, वह 6 मार्च, 2000 से 6 अगस्त, 2002 तक वाणिज्य और परिवहन (स्वतंत्र प्रभार) और 6 अगस्त, 2002 से 16 मई, 2004 तक मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री थीं। उन्हें 2007 में ओडिशा विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए नीलकंठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल थीं। वह भारतीय राज्य में राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने व...

श्तेफ़ानिया मॉरेचिनानू (Ștefania Mărăcineanu) कौन हैं?

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First Published: June 18, 2022 | Last Updated:June 18, 2022 हाल ही में गूगल ने रोमानियाई भौतिक विज्ञानी श्तेफ़ानिया मॉरेचिनानू (Ștefania Mărăcineanu) का 140वां जन्मदिन डूडल के साथ मनाया। श्तेफ़ानिया मॉरेचिनानू रेडियोधर्मिता की खोज और अनुसंधान में अग्रणी महिलाओं में से एक थी।  श्तेफ़ानिया मॉरेचिनानू (Ștefania Mărăcineanu) श्तेफ़ानिया मॉरेचिनानू (Ștefania Mărăcineanu) का जन्म 18 जून, 1882 को रोमानिया में हुआ था। उन्होंने 1910 में एक भौतिक और रासायनिक विज्ञान की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की, बाद में उन्होंने बुखारेस्ट में सेंट्रल स्कूल फॉर गर्ल्स में एक शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया। वहाँ रहते हुए, मॉरेचिनानू ने रोमानियाई विज्ञान मंत्रालय से छात्रवृत्ति अर्जित की। उसने पेरिस में रेडियम संस्थान में स्नातक शोध करने का फैसला किया। भौतिक विज्ञानी मैरी क्यूरी के निर्देशन में रेडियम संस्थान तेजी से रेडियोधर्मिता के अध्ययन के लिए एक विश्वव्यापी केंद्र बन रहा था। मोरेसिनेनु ने पोलोनियम पर अपनी पीएचडी थीसिस पर काम करना शुरू किया, एक ऐसा त...

आज मनाई जा रही है कबीर जयंती (Kabir Jayanti)

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First Published: June 14, 2022 | Last Updated:June 14, 2022 आज देश भर में कबीर जयंती मनाई जा रही है। इस दिन महान संत कबीरदास का जन्म हुआ हुआ था। संत कबीर संत कबीर के जन्म वर्ष को लेकर विवाद है। कुछ लोग कहते हैं कि उनका जन्म 1398 में हुआ था, जबकि अन्य कहते हैं कि उनका जन्म 1440 में हुआ था। कबीर का जीवन काशी पर केंद्रित था, जिसे बनारस (वाराणसी) भी कहा जाता है। उनके अनुसार वे कर्मकांड और शारीरिक तपस्या से स्वतंत्र थे। कबीर ने आत्म-समर्पण और ईश्वर की भक्ति में विश्वास किया। कबीर अहिंसा के पक्के समर्थक हैं। कबीर नैतिक जीवन में अहिंसा के पालन पर बल देते है। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर भी काफी बल दिया। उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव का प्रचार करके और उन सद्गुणों पर जोर देते हुए इस्लाम और हिंदू धर्म के संश्लेषण की कोशिश की, जो दोनों धर्मों के लिए आम थे। वह मूर्ति पूजा के खिलाफ थे। उन्होंने मुस्लिम अनुष्ठानों और मक्का में हज करने की समान रूप से निंदा की। Categories: राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Tags:Hindi Current Affairs , Hindi News , Kabir Jayanti , कबीर ...

WhatsApp SMB Saathi Utsav क्या है?

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First Published: June 13, 2022 | Last Updated:June 13, 2022 8 जून, 2022 को, व्हाट्सएप इंडिया ने “SMB साथी उत्सव” नामक एक पहल लांच की। SMB साथी उत्सव  ‘WhatsApp SMB साथी उत्सव’ एक पहल है, जिसे छोटे व्यवसायों को समर्थन देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह पहल उन्हें अपना व्यवसाय चलाने के लिए व्हाट्सएप बिजनेस एप्प जैसे डिजिटल माध्यमों को अपनाने में मदद करेगी। SMB साथी उत्सव परियोजना जयपुर के जौहरी बाजार और बापू बाजार में शुरू की गई थी। इन बाजारों में, 500 से अधिक छोटे व्यवसायों को अपने व्यवसाय को ऑनलाइन चलाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।  इस प्रशिक्षण के तहत, व्यापार मालिकों को व्हाट्सएप बिजनेस एप्प पर डिजिटल उपस्थिति बनाने के बारे में शिक्षित किया जाएगा। यह पहल जोश टॉक्स के सहयोग से शुरू की गई थी। यह व्हाट्सएप के माध्यम से अपने व्यवसाय की क्षमता को अनलॉक करने में छोटे व्यवसायों को शिक्षित करने और उनकी मदद करने का प्रयास करता है। SMBSaathi Utsav, SMBSaathi अभियान का दूसरा चरण है। भारत में MSMEs भारत लगभग 6.3 करोड़ MSM...

आज पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा विशाल एस्ट्रॉयड, NASA को सता रही है चिंता

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190 फीट चौड़ा एक एस्टेरॉयड जल्द ही पृथ्वी के पास आने वाला है और NASA ने इसके आगमन की घोषणा कर दी है। आपको बता दें, यह एस्टेरॉयड रोम में स्थित कोलोसियम (157 फीट) से बड़ा है। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, बुधवार, 8 जून को एस्टेरॉयड हमारे ग्रह के सबसे करीब पहुंच जाएगा। एस्टेरॉयड का पृथ्वी के करीब से गुजरना असामान्य नहीं है। इससे पहले सोमवार को 160 फीट लंबा एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब पहुंच गया था। हालांकि, अपकमिंग एस्टेरॉयड थोड़ी चिंता बढ़ा रहा है। बुधवार को आने पर इस बड़े एस्टेरॉयड का हमारे ग्रह पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है। NASA ने एस्टेरॉयड 2022 KV1 को 'नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट' (NEO) के रूप में लेबल किया है। एस्टेरॉयड की यह कैटेगरी पृथ्वी के लिए खतरा पैदा कर सकती है और नासा द्वारा लगातार इसपर निगरानी रखी जा रही है। पृथ्वी के लिए एस्टेरॉयड का निकटतम फ्लाईबाई 2,660,000 मील/घंटा की दूरी पर होगा। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने एस्टेरॉयड के बारे में अधिक जानकारी का खुलासा किया है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इस एस्टेरॉयड को पहली बार 2022 में खोजा गया था। NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी...

Lifestyle for Environment Movement (LiFE) क्या है?

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First Published: June 8, 2022 | Last Updated:June 8, 2022 5 जून, 2022 को “विश्व पर्यावरण दिवस” ​​​​के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक पहल “Lifestyle for Environment Movement” लांच किया गया। मुख्य बिंदु  इस पहल के शुभारंभ के दौरान, पीएम ने कहा कि, पृथ्वी पर चुनौतियों से सभी भलीभांति परिचित हैं। इस प्रकार, सतत विकास को मजबूत करने के लिए मानव-केंद्रित, सामूहिक प्रयासों और मजबूत कार्रवाई की आवश्यकता है। लाइफ इनिशिएटिव का विजन जीवन शैली जीने की दृष्टि से LiFE पहल शुरू की गई थी, जो पृथ्वी ग्रह के अनुरूप है और इसे नुकसान नहीं पहुंचाती है। ऐसी जीवन शैली जीने वाले लोगों को “प्रो-प्लैनेट पीपल” कहा जाता है। LiFE का विचार कैसे पेश किया गया था? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में ग्लासगो में पार्टियों के 26वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP-26) के दौरान LiFE के विचार की शुरुआत की थी। LiFE का विचार एक पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली को बढ़ावा देता है। विश्व पर्यावरण दिवस विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है...

एंजेलो मोरियोंदो (Angelo Moriondo) कौन हैं?

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First Published: June 6, 2022 | Last Updated:June 6, 2022 हाल ही में गूगल ने डूडल बनाकर दुनिया की पहली ज्ञात एस्प्रेसो मशीन के आविष्कारक एंजेलो मोरियोंदो (Angelo Moriondo) को उनकी 171वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि दी। मुख्य बिंदु एंजेलो मोरियोंदो (Angelo Moriondo) का जन्म 6 जून, 1851 को ट्यूरिन, इटली में उद्यमियों के एक परिवार में हुआ था। इटली में कॉफी की लोकप्रियता के बावजूद, ग्राहकों को कॉफी बनाने के लिए काफी इंतज़ार करना पड़ता था। मोरियोंदो ने सोचा कि एक बार में कई कप कॉफी बनाने से वह तेज गति से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे सकेंगे, जिससे उसे अपने प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त मिल जाएगी। एक मैकेनिक की सीधी निगरानी के बाद उन्होंने अपने आविष्कार का निर्माण करने के लिए सूचीबद्ध किया, मोरियोंदो ने 1884 में ट्यूरिन के जनरल एक्सपो में अपनी एस्प्रेसो मशीन प्रस्तुत की, जहां इसे कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। एंजेलो मोरियोंदो (Angelo Moriondo) एंजेलो मोरियोंदो (Angelo Moriondo) का जन्म 6 जून, 1851 को इटली के ट्यूरिन में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1984 में प्रथम ...

आज मनाई जा रही है महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) की जयंती

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First Published: June 2, 2022 | Last Updated:June 2, 2022 महाराणा प्रताप सिंह (Maharana Pratap Singh)  मेवाड़ (वर्तमान राजस्थान) के 13 वें राजा थे। वे भारत के सबसे यशस्वी राजाओं में से एक माने जाते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म 9 मई, 1540 को हुआ था। हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ मास की तृतीया तिथि को उनका जन्म हुआ थाहै। आज उनकी जयंती मनाई जा रही है। राणा और मुगल अकबर मेवाड़ के माध्यम से गुजरात के लिए एक सुरक्षित मार्ग स्थापित करना चाहता था। इसलिए, उसने महाराणा प्रताप सिंह  को अन्य राजपूतों की तरह एक जागीरदार बनाने के लिए कई दूत भेजे। राणा ने मना कर दिया। इसलिए हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा गया। हल्दीघाटी का युद्ध (Battle of Haldighati) हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा को उनकी बहादुरी के लिए जाना जाता है। यह लड़ाई 18 जून, 1576 को महाराणा और अकबर की सेनाओं के बीच लड़ी गई थी। राणा ने मुगल सेना के 2 लाख सैनिकों के खिलाफ 22,000 सैनिकों के साथ लड़ाई लड़ी। मुगलों का नेतृत्व मान सिंह ने किया था। इस युद्ध में राणा की सेना परास्त हो गईं। पुनर्विजय ...

Alliance of CEO Climate Action Leaders- India क्या है?

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First Published: May 26, 2022 | Last Updated:May 26, 2022 Alliance of CEO Climate Action Leaders का इंडिया चैप्टर 23 मई 2022 को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) द्वारा भारत के डीकार्बोनाइजेशन और क्लाइमेट एक्शन प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया गया है । मुख्य बिंदु  इस गठबंधन ने भारत के प्रमुख व्यवसायों के सीईओ को एक साथ लाया है। यह गठबंधन WEF के Climate Action Platform का एक हिस्सा है और First Movers Coalition और Alliance of CEO Climate Leaders जैसी वैश्विक परियोजनाओं से सीखने पर काम करेगा। एलायंस का भारतीय अध्याय 2070 तक भारत के शुद्ध शून्य के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यवसायों, सरकार और विभिन्न अन्य प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा। यह एलायंस भारतीय थिंक-टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (Observer Research Foundation) और मैनेजमेंट कंसल्टेंसी किर्नी (Kearney) के बीच एक सहयोग है। इस गठबंधन का उद्देश्य क्या है? यह गठबंधन देश के व्यापारिक नेताओं को उन कार्यक्रमों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में सहायता करने के उद्देश्य से एक उच्च-स्तरीय म...

Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity (IPEF) क्या है?

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First Published: May 24, 2022 | Last Updated:May 24, 2022 23 मई 2022 को, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडेन ने Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity (IPEF) पर एक चर्चा का अनावरण किया । यह चर्चा एक दर्जन शुरुआती साझेदार देशों से हो चुकी है जिनमें भारत भी शामिल है। यह देश दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद का 40 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। मुख्य बिंदु  IPEF फ्रेमवर्क चर्चा एक खुले, मुक्त, लचीले और सुरक्षित हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के विज़न से शुरू की गई थी जहां आर्थिक विकास समावेशी और टिकाऊ है। IPEF हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लचीलापन, स्थिरता, आर्थिक विकास, समावेशिता, प्रतिस्पर्धा और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी विचार कर रहा है।इस आयोजन में भाग लेने वाले देश ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, ब्रुनेई, जापान, थाईलैंड, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर, फिलीपींस और वियतनाम सहित हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शामिल हैं। भारत और अमेरिका के बीच किस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे? 23 मई, 2022 को भारत और...

कल्पना से परे अंतरिक्ष के सबसे बड़े रहस्यों का जवाब हो सकता है 'Mirror World'

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भले ही मिरर वर्ल्ड फैंटेसी और कल्पना में आम धारणा है, लेकिन यह आज अंतरिक्ष के सबसे बड़े रहस्यों में से एक का जवाब भी हो सकता है। एक नए रिसर्च में वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने सुझाव दिया है कि पार्टिकल्स के "मिरर वर्ल्ड" जो हमसे अनदेखा रहता है, हबल कॉन्स्टेंट (Hubble Constant) समस्या का उत्तर हो सकता है। हबल कॉन्स्टेंट समस्या यूनिवर्स में एक्सपेंशन के रेट की सैद्धांतिक वैल्यू में विसंगति और माप द्वारा देखे गए विस्तार के वास्तविक रेट को कहते है। न्यू मैक्सिको विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता फ्रांसिस-यान साइर-रेसीन और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के फी जीई और लॉयड नॉक्स ने कहा (अनुवादित) "मूल रूप से, हम बताते हैं कि ब्रह्मांड विज्ञान में हम जो बहुत सारे अवलोकन करते हैं उनमें ब्रह्मांड को समग्र रूप से आकार देने के तहत एक अंतर्निहित समरूपता होती है। यह समझने का एक तरीका दे सकता है कि ब्रह्मांड के एक्सपेंशन रेट के विभिन्न मापों के बीच एक विसंगति क्यों प्रतीत होती है।" उनके कमेंट्स को सिमेट्री ऑफ कॉस्मोलॉजिकल ऑब्जर्वेबल्स, ए मिरर वर्ल्ड डार्क सेक्टर और हबल कॉन्स्टेंट नाम ...

नासा का एंड्योरेंस मिशन (Endurance Mission) क्या है?

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First Published: May 18, 2022 | Last Updated:May 18, 2022 नासा के एंड्योरेंस मिशन (Endurance Mission) को ले जाने वाला एक रॉकेट हाल ही में लॉन्च किया गया। मिशन का उद्देश्य  इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि पृथ्वी ग्रह जीवन का समर्थन क्यों करता है, जबकि मंगल और शुक्र जैसे अन्य ग्रह नहीं करते हैं। पृथ्वी जैसा गीला ग्रह जीवन के अस्तित्व के लिए उपयुक्त है। शुक्र कभी पानी वाला ग्रह था लेकिन बाद में अज्ञात कारणों से सूख गया। यदि हम यह समझें कि शुक्र क्यों सूख गया, तो रहने योग्य ग्रहों के बारे में हमारा ज्ञान बढ़ जाएगा। एंड्योरेंस मिशन के तहत क्या किया जाएगा? पृथ्वी की वैश्विक विद्युत क्षमता (global electric potential) को मापा जाएगा। माना जाता है कि पृथ्वी की यह विद्युत क्षमता बहुत कमजोर है और इस प्रकार यह जीवन का समर्थन कर सकती है। विद्युत क्षमता को मापना क्यों महत्वपूर्ण है? 2016 में, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) वीनस एक्सप्रेस मिशन ने शुक्र के चारों ओर एक 10-वोल्ट विद्युत क्षमता का पता लगाया। यदि विद्युत क्षमता मौजूद है, तो धनावेशित कण ग्रह की सतह...

‘भारत टैप’ (BHARAT TAP) पहल क्या है?

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First Published: May 17, 2022 | Last Updated:May 17, 2022 केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री द्वारा ‘प्लम्बेक्स इंडिया’ (Plumbex India) प्रदर्शनी में भारत टैप पहल की शुरुआत की गई। भारत टैप पहल का उद्देश्य क्या है? इस पहल का उद्देश्य स्रोत पर पानी की खपत में कमी लाने के लिए बड़े पैमाने पर लो-फ्लो फिक्स्चर और सैनिटरी वेयर प्रदान करना और देश को जल संरक्षण के प्रयासों में मदद करना और इस तरह सतत विकास सुनिश्चित करना है। भारत टैप पहल के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए गतिविधियां  न्यूनतम 40% पानी की बचत सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) Certified Water-Efficient Plumbing Fixtures को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता पैदा की जाएगी। पानी की बचत से ऊर्जा की बचत भी होगी क्योंकि पंपिंग, परिवहन और शुद्धिकरण जैसी गतिविधियों के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होगी। ‘प्लम्बेक्स इंडिया’ प्रदर्शनी क्या है? यह नलसाजी, पानी और स्वच्छता उत्पादों और सेवा पर भारत की सबसे बड़ी स्टैंडअलोन प्रदर्शनी है। यह 3 दिवसीय कार्यक्रम है जो 12 मई 2022 को प्रगति मैदान, नई दि...

‘युवा पर्यटन क्लब’ (YUVA Tourism Clubs) पहल क्या है?

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First Published: May 17, 2022 | Last Updated:May 17, 2022 ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ समारोह के एक भाग के रूप में पर्यटन मंत्रालय द्वारा युवा पर्यटन क्लबों की स्थापना की जा रही है। मुख्य बिंदु  भारतीय पर्यटन क्षेत्र के युवा एम्बेसडर्स को विकसित करना जो भारत में पर्यटन की संभावनाओं के बारे में जागरूक होंगे, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करेंगे और पर्यटन के लिए एक जुनून को प्रज्वलित करेंगे। क्लब शिक्षार्थियों को पर्यटन के महत्व की सराहना करने, यात्रा के तत्वों के बारे में शिक्षार्थियों को संवेदनशील बनाने और जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। ये क्लब राष्ट्रीय एकता को भी बढ़ावा देंगे और एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन को आगे बढ़ाएंगे। यह प्रधानमंत्री की देखो अपना देश पहल के अनुरूप भी है। युवा पर्यटन क्लब कहाँ स्थापित किए जाएंगे? केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने युवा पर्यटन क्लबों की पहल का समर्थन करने का संकल्प लिया है। CBSE ने अपने संबद्ध स्कूलों को युवा पर्यटन क्लब बनाने के निर्देश जारी किए ...

Hindi@UN प्रोजेक्ट क्या है?

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First Published: May 14, 2022 | Last Updated:May 14, 2022 भारत ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए  हिंदी@यूएन (Hindi@UN) परियोजना में $800,000 का योगदान दिया है । ‘हिंदी @ यूएन’ परियोजना क्या है? यह 2018 में संयुक्त राष्ट्र के सार्वजनिक सूचना विभाग के सहयोग से भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक परियोजना है। ‘हिंदी @ यूएन’ परियोजना का उद्देश्य क्या है? इसका उद्देश्य हिंदी में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की सार्वजनिक पहुंच बढ़ाना। यह प्रोजेक्ट हिंदी भाषी आबादी के बीच वैश्विक मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद करता है। संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा अन्य कौन से प्रयास किए गए हैं? 2018 से, भारत संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संचार विभाग (UN DGC) को हिंदी में अपनी समाचार सामग्री को मुख्यधारा में लाने के लिए स्वैच्छिक वित्तीय योगदान प्रदान कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से 2018 से संयुक्त राष्ट्र के समाचार हिंदी में प्रसारित किए जा रहे हैं। इसक...

ऑपरेशन दुधी (Operation Dudhi) क्या है?

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First Published: May 12, 2022 | Last Updated:May 12, 2022 हाल ही में ऑपरेशन दुधी (Operation Dudhi) के जीवित सैनिकों को असम राइफल्स द्वारा सम्मानित किया गया। 1991 में, असम राइफल्स द्वारा जम्मू और कश्मीर में किए गए एक एकल आतंकवाद विरोधी अभियान में 72 आतंकवादियों को मार गिराया गया था। ऑपरेशन दुधी क्या था? यह ऑपरेशन असम राइफल्स द्वारा किया गया था, यह 1990 से 1992 तक जम्मू और कश्मीर में किया गया था। 15 सैनिकों की एक टीम ने 72 पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों को मार गिराया। यह किसी भी सुरक्षा बल द्वारा अब तक चलाया गया सबसे सफल आतंकवाद रोधी अभियान है। बटालियन ने 72 आतंकवादियों को मार गिराया था और 13 अन्य को गिरफ्तार किया था। असम राइफल्स की टुकड़ी नियमित गश्त के लिए चौकीबल स्थित बटालियन मुख्यालय से रवाना हुई थी। सर्दी के कारण खाली हुई दुधी पोस्ट की जांच के लिए गश्त की गई। 5 और 6 मई की देर रात तक हुई भीषण गोलाबारी में सैनिक राम कुमार आर्य और कामेश्वर प्रसाद शहीद हो गए। इस मिशन के दौरान आर.के. यादव को चोटें आई थीं। ऑपरेशन दुधी कब आयोजित किया गया था?...

कार्लोस अल्काराज़ (Carlos Alcaraz) कौन हैं?

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First Published: May 11, 2022 | Last Updated:May 11, 2022 2022 मैड्रिड ओपन एक पेशेवर टेनिस टूर्नामेंट था जो 28 अप्रैल से 8 मई 2022 तक आयोजित किया गया। यह पार्क मंज़ानारेस, मैड्रिड, स्पेन में आउटडोर क्ले कोर्ट पर खेला गया। यह इस टूर्नामेंट का 13वां संस्करण है। इस टूर्नामेंट में पुरुष एकल वर्ग का खिताब स्पेन के कार्लोस अल्काराज़ (Carlos Alcaraz) ने जीता। वे मात्र 19 वर्ष के हैं। और इस टूर्नामेंट में उन्होंने नोवाक जोकोविच, राफेल नडाल और अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराया। मैड्रिड ओपन 2022 के विजेता पुरुष एकल- कार्लोस अल्काराज़ (स्पेन) ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव (जर्मनी) को हराया। महिला एकल- ओन्स जबूर (ट्यूनीशिया) ने जेसिका पेगुला (अमेरिका) को हराकर जीत हासिल की। पुरुष युगल- वेस्ले कूलहोफ (नीदरलैंड) और नील स्कूप्स्की (यूनाइटेड किंगडम) ने जुआन सेबेस्टियन काबाल (कोलंबिया) और रॉबर्ट फराह (कोलंबिया) को हराया। गैब्रिएला डाब्रोवस्की (कनाडा) और गिउलिआना ओल्मोस (मेक्सिको) ने देसीरा क्रावज़िक (अमेरिका) और डेमी शूर्स (नीदरलैंड) को हराकर महिला युगल जीता।   Categori...

Open Network for Digital Commerce (ONDC) क्या है?

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First Published: May 4, 2022 | Last Updated:May 4, 2022 हाल ही में, डिजिटल कॉमर्स के लिए खुले नेटवर्क (Open Network for Digital Commerce – ONDC) का पायलट चरण शुरू किया गया था। पायलट चरण का संचालन पांच शहरों दिल्ली, बेंगलुरु, कोयंबटूर, भोपाल और शिलांग में किया जा रहा है। इसे बाद में छह महीने में 100 शहरों में लॉन्च किया जाएगा। डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ONDC) क्या है? ONDC डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान के सभी पहलुओं के लिए खुले नेटवर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक पहल है। यह किसी विशिष्ट प्लेटफॉर्म से स्वतंत्र ओपन नेटवर्क प्रोटोकॉल का उपयोग करते हुए, ओपन-सोर्स पद्धति पर आधारित होगा। ONDC का लक्ष्य क्या है? ONDC का लक्ष्य मौजूदा प्लेटफॉर्म-केंद्रित मॉडल से एक ओपन-नेटवर्क मॉडल में स्थानांतरित करके ई-कॉमर्स बाजार की मूलभूत संरचना को बदलना है। ONDC किस विभाग की एक पहल है? ONDC वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की एक पहल है। ONDC के अंतर्गत वाणिज्य के कौन से ...

Integrated Road Accident Database (iRAD) Project क्या है?

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First Published: May 2, 2022 | Last Updated:May 2, 2022 केंद्र सरकार द्वारा एक केंद्रीय दुर्घटना डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (central accident database management system) शुरू की गई है जो भारत में इस तरह की दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करने और सुरक्षा उपायों को विकसित करने में मदद करेगी। मुख्य बिंदु  इस सिस्टम का नाम Integrated Road Accident Database (IRAD) है। यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक पहल है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास (IIT-M) ने इस प्रणाली को विकसित किया है। यह प्रणाली राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा कार्यान्वित की जा रही है। इस  परियोजना की लागत 258 करोड़ रुपये है और इसे विश्व बैंक द्वारा समर्थित किया गया है। वर्ष 2019 में, iRAD का प्रस्ताव किया गया था लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसके कार्यान्वयन में देरी हुई। इस प्रणाली को 6 राज्यों के 59 जिलों में एक पायलट के रूप में शुरू किया गया है जो फरवरी 2022 में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और तमिलनाड...

‘गगन उपग्रह प्रौद्योगिकी’ (GAGAN Satellite Technology) क्या है?

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First Published: May 2, 2022 | Last Updated:May 2, 2022 भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India – AAI) द्वारा गगन (GAGAN – GPS Aided GEO Augmented Navigation) नामक नवीनतम स्वदेशी उपग्रह-आधारित वृद्धि प्रणाली (SBAS) तकनीक को लागू करके सफलतापूर्वक परीक्षण करने के बाद भारत ने एक प्रमुख मील का पत्थर हासिल किया है। मुख्य बिंदु  इंडिगो एशिया की पहली एयरलाइन बन गई जिसने राजस्थान के किशनगढ़ हवाई अड्डे पर उतरते समय स्वदेशी रूप से विकसित इस उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली का इस्तेमाल किया। एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत पहला देश है जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। गगन का विकास गगन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। अपलिंक और संदर्भ स्टेशनों का उपयोग करके, यह प्रणाली ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) सिग्नल में सुधार प्रदान करती है ताकि हवाई यातायात के प्रबंधन में सुधार हो सके। गगन ( GAGAN) यह एक सैटेलाइट-आधारित ऑग्मेंटेशन सिस्टम है जो नागरिक उड्डयन अनुप्रयोगों (civi...