SpaceX रॉकेट ने सफलतापूर्वक लॉन्‍च किया अमेरिका का जासूसी सैटेलाइट

एक US इंटेलिजेंस एजेंसी ने बुधवार को बताया कि उसके नए जासूसी सैटेलाइट को स्पेसएक्स (SpaceX) फाल्कन 9 रॉकेट पर सफलतापूर्वक ऑर्बिट में लॉन्च किया गया है। SpaceX रॉकेट ने 3 फरवरी को स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर 12:27 बजे कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग वायु सेना बेस से उड़ान भरी। जानकारी के मुताबिक, NROL-87 नाम के सैटेलाइट को ऑर्बिट में छोड़ने के बाद फाल्कन-9 रॉकेट वापस बेस पर उतर गया। बताया गया है कि NROL-87 को NRO द्वारा उसके ओवरहेड टोही मिशन को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन और ऑपरेट किया गया है। 

एक न्‍यूज एजेंसी के मुताबिक, NRO ने सैटेलाइट के बारे में कुछ और डिटेल्‍स दी हैं। कहा है कि यह ‘वक्‍त पर इंटेलिजेंस इन्‍फर्मेशन की एक डिटेल सीरीज देगा।' अमेरिकी रक्षा विभाग के डिपार्टमेंट के रूप में NRO सर्विलांस सैटेलाइट का एक बड़ा नेटवर्क ऑपरेट करता है। इसका हेडक्‍वॉर्टर नॉर्थ वर्जीनिया में वॉशिंगटन के पास है। NROL-87 साल 2022 में NRO द्वारा लॉन्च किया गया पहला सैटेलाइट है। यह तीसरी बार है, जब एजेंसी ने फाल्कन 9 रॉकेट का इस्तेमाल किया है। NRO ने पिछले दो साल में 16 और सैटेलाइट को लॉन्च किया है।

बात करें एलन मस्क (Elon Musk) की कमर्शल स्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की तैयारियों की, तो इस साल 52 मिशन लॉन्च करने की योजना बनाई गई है। अगर SpaceX इसमें कामयाब होती है, तो वह एक साल में अबतक के सबसे अधिक लॉन्च पूरे करेगी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के लिए भी SpaceX पार्टनर की भूमिका में है, खासतौर पर नासा के ह्यूमन स्‍पेसफ्लाइट प्रोग्राम के लिए। इसके पास इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गो को लाने और ले जाने की जिम्‍मेदारी है। नासा के आर्टेमिस (Artemis) प्रोग्राम के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने के लिए भी SpaceX नेक्‍स्‍ट जेनरेशन रॉकेट सिस्टम डेवलप कर रही है। इस रॉकेट का नाम स्टारशिप रखा गया है।

SpaceX मुख्य रूप से नासा के प्रोग्राम्‍स की मदद करती है साथ ही यह कंपनी समय-समय पर दूसरी कंपनियों, इंटरनेशनल कस्‍टमर्स और अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए भी सैटेलाइट लॉन्च करती है। हालांकि इस साल जो 52 लॉन्च करने की योजना है, उनमें से ज्‍यादातर लॉन्‍च SpaceX के लिए किए जाएंगे। माना जा रहा है कि ये लॉन्‍च Starlink के सैटेलाइट के लिए होंगे। Starlink भी स्‍पेसएक्‍स का ही भाग है। यह दुनियाभर में सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाने पर काम कर रही है। स्टारलिंक प्रोजेक्‍ट के लिए SpaceX को लो-अर्थ ऑर्बिट में हजारों छोटे सैटेलाइट लॉन्च करने की जरूरत होगी। SpaceX इन्‍हें 50-60 सैटेलाइट के बैच में नियमित तौर पर लॉन्च कर रही है।
 

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