भारत बंद का असर : कुछ राज्यों में बैंक-परिवहन क्षेत्र प्रभावित, जरूरी सेवाओं पर असर नहीं, 10 बातें
भारत बंद से जुड़ी 10 बातें
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हजारों श्रमिकों को दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सोमवार को सार्वजानिक क्षेत्र के कई बैंकों में कामकाज के प्रभावित होने के साथ सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ठप पड़ गईं.
एक दर्जन ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल से हालांकि स्वास्थ्य सेवा, बिजली और ईंधन आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं पर असर नहीं पड़ा. सरकारी कार्यालयों समेत शिक्षण संस्थानों में इसका असर न के बराबर रहा.श्रमिकों ने कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन भी किया और यूनियनों ने दावा किया कि झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे कोयला खनन क्षेत्रों में आंदोलन का असर पड़ा है।
जरूरी सेवाएं काफी हद तक अप्रभावित रहीं लेकिन बैंकिंग कामकाज पर कई हिस्सों में असर पड़ा और खनन गतिविधियां भी प्रभावित हुईं.
बिजली एवं ईंधन आपूर्ति पर हड़ताल का कोई खास असर नहीं देखा गया लेकिन श्रमिक संगठनों ने दावा किया कि झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के कोयल खनन वाले इलाकों में कामगार इसका हिस्सा बने हैं.
पश्चिम बंगाल में हड़ताल में शामिल लोगों ने जगह-जगह प्रदर्शन करने के अलावा वाहनों एवं ट्रेनों के आवागमन को भी बाधित करने की कोशिश की. केरल में भी परिवहन निगम की बसों के अलावा ऑटोरिक्शा एवं निजी बसें नहीं चलीं लेकिन जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति, अस्पताल एवं एम्बुलेंस सेवाएं इससे अछूती रहीं.
सार्वजनिक उपक्रमों सेल, आरआईएनएल और एनएमडीसी के भी हजारों कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हुए जिससे उनके कामकाज पर बुरा असर देखा गया.
इस हड़ताल ने बैंकों के कामकाज पर भी असर डाला. हालांकि, यह असर आंशिक रूप से ही देखा गया क्योंकि तमाम कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे. बैंक कर्मचारी संगठनों का एक हिस्सा ही इस हड़ताल का समर्थन कर रहा है. निजी क्षेत्र के बैंकों का कामकाज इससे लगभग बेअसर रहा.
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि इस हड़ताल का असर पूर्वी भारत में ज्यादा देखा गया और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तमाम शाखाएं बंद रहीं.अन्य क्षेत्रों में भी बैंक शाखाओं में कर्मचारियों के अनुपस्थित होने से कामकाज पर असर पड़ा.
बीजेपी के पांच में से चार राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद यह पहली ऐसी हड़ताल है, जिसमें सरकारी नीतियों का विरोध किया जा रहा है. हाल ही में संपन्न हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने चार राज्य में शानदार जीत हासिल कर अपनी सरकार बनाई.
भारत बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया . केरल उच्च न्यायालय ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की पांच यूनियनों को हड़ताल में भाग लेने से रोक दिया है.भारत बंद को अखिल भारतीय असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस की तरफ से समर्थन मिला है. कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि राहुल गांधी बंद में शामिल वर्गों की मांगों के पक्ष में अपनी बात रखते रहे हैं.
Source link https://myrevolution.in/politics/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e2%80%8d%e0%a4%af/?feed_id=18249&_unique_id=6242da6636240
Comments
Post a Comment