Climate Early Warning Systems क्या है?

संयुक्त राष्ट्र द्वारा अगले पांच वर्षों के भीतर प्रत्येक व्यक्ति को प्रारंभिक मौसम-चेतावनी प्रणालियों (early weather-warning systems) की रेंज में रखने के लिए एक परियोजना की घोषणा की गई है क्योंकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण प्राकृतिक आपदाएं लगातार और अधिक शक्तिशाली हो गई हैं।

मुख्य बिंदु 

  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जिनेवा स्थित विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organisation) के सहयोग से इस परियोजना की घोषणा की।
  • इस परियोजना का उद्देश्य ऐसे अलर्ट सिस्टम बनाना है जो पहले से ही कई समृद्ध देशों में उपयोग में हैं और ग्रह के विकासशील देशों के लिए उपलब्ध हैं।
  • पृथ्वी की आबादी का एक तिहाई, विशेष रूप से कम विकसित देशों में, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली द्वारा कवर नहीं किया जाता है।
  • अफ्रीका में रहने वाले 60 प्रतिशत लोगों के पास कवरेज की कमी है।

प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का काम क्या है?

प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (early warning systems) वास्तविक समय के आधार पर भूमि और समुद्र में वायुमंडलीय स्थितियों की निगरानी में मदद करती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों, शहरों, तटीय क्षेत्रों, पहाड़ों और ध्रुवीय या शुष्क स्थानों जैसे कहीं भी आने वाली मौसम की घटनाओं की भविष्यवाणी करने में मदद करती है।

पूर्व चेतावनी प्रणाली का महत्व

दुनिया भर में प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के उपयोग का विस्तार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसा करने से लोगों को जंगल की आग, गर्मी की लहरें, उष्णकटिबंधीय तूफान, बाढ़ आदि जैसी घातक आपदाओं के लिए तैयार होने में अधिक समय मिलेगा, जिसके परिणामस्वरूप जान-माल की हानि से बचा जा सकता है।

Categories: अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

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