भारत रीयल-टाइम लेनदेन में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंचा : ACI Worldwide Report

रीयल-टाइम लेनदेन पर ACI वर्ल्डवाइड रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में, भारत का रीयल-टाइम लेनदेन बढ़कर 48.6 बिलियन हो गया है। यह चीन का लगभग तीन गुना है जो भारत के बाद 18 अरब लेनदेन के साथ दूसरे स्थान पर है।
मुख्य बिंदु
- भारत की लेन-देन की मात्रा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी और फ्रांस की संयुक्त मात्रा से सात गुना अधिक है जो 7.5 बिलियन है।
- 2021 में वास्तविक समय के भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने से लागत बचत हुई है जो भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए $ 12.6 बिलियन डालर है।
- इससे 16.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आर्थिक उत्पादन को अनलॉक करने में मदद मिली है जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 0.56% है।
रीयल-टाइम लेनदेन में वृद्धि के कारण
व्यापारियों के बीच QR कोड भुगतान और UPI-आधारित मोबाइल भुगतान एप्प की वृद्धि के साथ-साथ COVID-19 महामारी के दौरान डिजिटल भुगतान के उपयोग में वृद्धि ने वास्तविक समय के भुगतान को 2021 में बढ़ावा दिया। उपभोक्ता नकद से डिजिटल रीयल-टाइम भुगतान विधियों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका अर्थ है कि कुल भुगतान मात्रा में रीयल-टाइम भुगतान का हिस्सा 2026 में 70% को पार कर जाएगा।
वैश्विक रियल-टाइम भुगतान लेनदेन
दुनिया भर में रीयल-टाइम भुगतान लेनदेन वर्ष 2021 में 118.3 बिलियन को पार कर गया, जो सालाना आधार पर 64.5% की वृद्धि है। 2026 में इसके बढ़कर 427.7 बिलियन होने का अनुमान लगाया गया है। ब्राजील, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया क्रमशः 8.7 बिलियन, 9.7 बिलियन और 7.4 बिलियन के वास्तविक समय के लेनदेन के मामले में भारत और चीन से पीछे हैं। इस रिपोर्ट ने 53 देशों में रीयल-टाइम भुगतान की मात्रा को भी ट्रैक किया है और रूस को छोड़कर सभी G20 देशों को कवर किया है। इस शोध में पाया गया है कि दुनिया भर में आधे से ज्यादा (52.71 फीसदी) उपभोक्ता मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं।
Categories: अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स
Tags:ACI Worldwide Report , Global real-time payment transactions , रीयल-टाइम लेनदेन , हिंदी करेंट अफेयर्स , हिंदी समाचार
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