"क्या आपने मेरे लिए कोई नाम तय किया है?" WHO प्रमुख ने पूछा, पीएम मोदी ने कहा- "तुलसीभाई"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस घेब्रेयसस.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस को उनके अनुरोध पर "गुजराती नाम" दिया. गांधीनगर में ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट में डब्ल्यूएचओ प्रमुख से पीएम मोदी ने कहा, "मुझे आपको तुलसीभाई कहकर बहुत मजा आ रहा है." पीएम मोदी ने उन्हें समझाया कि भारतीय पीढ़ियों से तुलसी के पौधे की पूजा करते आ रहे हैं.
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पीएम मोदी ने कहा कि "डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस मेरे अच्छे दोस्त हैं. उन्होंने हमेशा मुझसे कहा कि भारतीय शिक्षकों ने मुझे पढ़ाया है और मैं उनकी वजह से यहां हूं. आज उन्होंने मुझसे कहा - 'मैं एक पक्का गुजराती बन गया हूं. क्या आपने मेरे लिए एक नाम तय किया है?' इसलिए मैं उन्हें तुलसीभाई कहूंगा. तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसे आधुनिक पीढ़ियां भूल रही हैं. पीढ़ियों ने तुलसी की पूजा की है. आप शादी में भी तुलसी के पौधे का उपयोग कर सकते हैं. इसलिए अब आप हमारे साथ हैं.
पीएम मोदी गुजरात में तीन दिवसीय वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक के अलावा मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ भी मौजूद थे.
पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत जल्द ही उन विदेशी नागरिकों के लिए एक विशेष आयुष वीजा श्रेणी पेश करेगा जो पारंपरिक चिकित्सा के लिए यहां आना चाहते हैं. उन्होंने समारोह में बताया, "जल्द ही, भारत उन विदेशी नागरिकों के लिए एक विशेष आयुष वीजा श्रेणी शुरू करने जा रहा है जो आयुष चिकित्सा का लाभ लेने के लिए भारत आना चाहते हैं."
उन्होंने कहा कि आयुष के क्षेत्र में निवेश और नवाचार की असीम संभावनाएं हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, "हम पहले से ही आयुष दवाओं, पूरक और सौंदर्य प्रसाधनों के उत्पादन में अभूतपूर्व उछाल देख रहे हैं."
पीएम मोदी ने कहा कि "हम एक विशेष आयुष हॉलमार्क बनाने जा रहे हैं. यह हॉलमार्क भारत में बने उच्चतम गुणवत्ता वाले आयुष उत्पादों पर लागू किया जाएगा."
कोविड महामारी के दौरान वैकल्पिक चिकित्सा के योगदान के बारे में पीएम मोदी ने कहा, "यह पहली बार है जब आयुष क्षेत्र के लिए एक निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. मैंने इस बारे में COVID-19 के प्रकोप के दौरान सोचा था. उस दौरान 'आयुष काढ़ा' और इसी तरह के अन्य उत्पादों ने लोगों को अपनी प्रतिरक्षा बढ़ाने में मदद की."
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