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नाबार्ड किसान संकट सूचकांक (NABARD Farmer Distress Index) : मुख्य बिंदु

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First Published: May 3, 2022 | Last Updated:May 3, 2022 देश के सीमांत और छोटे किसानों को कृषि ऋण माफी के संबंध में एक कच्चा सौदा मिलने के साथ, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ट्रैकिंग, पहचान करने के उद्देश्य से एक किसान संकट सूचकांक (FDI) बनाने की योजना बना रहा है।  मुख्य बिंदु  संकट के स्तर के आधार पर, वित्तीय संस्थान और सरकार सभी किसानों को संकट पैकेज सौंपने के बजाय एक उपयुक्त सहायता पैकेज पर निर्णय ले सकती है। यह सूचकांक पूरे देश में एक समान नहीं होगा क्योंकि यह जगह के तनाव स्तरों के आधार पर भिन्न होगा। इस सूचकांक से सरकारी विभागों, वित्तीय क्षेत्र और बीमा कंपनियों को मदद मिलेगी। एक किसान के संकट की गणना आम तौर पर उनकी फसलों को हुए नुकसान की सीमा से की जाती है। अध्ययन  नाबार्ड और भारत कृषक समाज (BKS) द्वारा संयुक्त रूप से किए गए एक अध्ययन के अनुसार 60% से अधिक उच्च और बहुत अधिक संकट वाले छोटे और सीमांत किसानों  को कृषि ऋण माफी का लाभ नहीं मिला है।   सूचकांक के तत्व यह सूचकांक जलवायु परिस्थितियों, मौसम की स्थिति, कृषि वस्तुओं, किस...

‘किसान भागीदारी, प्राथमिक हमारी’ अभियान क्या है?

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First Published: April 26, 2022 | Last Updated:April 26, 2022 कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 25 अप्रैल 2022 से ‘किसान भागीदारी, प्राथमिक हमारी’ (Kisan Bhagidari, Prathmikta Hamari) अभियान का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 30 अप्रैल, 2022 तक जारी रहेगा और विभिन्न अन्य विभागों और मंत्रालयों के सहयोग से सरकार के ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आयोजित किया जा रहा है। मुख्य बिंदु  इस अभियान की अवधि के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा देश के किसानों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत 75 चयनित उद्यमियों और किसानों का राष्ट्रीय आत्म निर्भर भारत सम्मेलन (National Atma Nirbhar Bharat Conclave) आयोजित किया जाएगा। साथ ही इस अभियान के दौरान देश की आजादी के 75 साल में हरित क्रांति और खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता समेत कृषि विकास के क्षेत्र में पहुंचे मील के पत्थर पर भी प्रकाश डाला जाएगा। एक करोड़ से अधिक हितधारक और किसान ‘किसान भागीदारी, प्राथमिकता हमारी’ अभियान में भाग लेंगे। कृषि मेला ...

IIT रुड़की ने ‘किसान’ (KISAN) मोबाइल एप्प लांच किया

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First Published: February 24, 2022 | Last Updated:February 24, 2022 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT रुड़की) ने किसानों के लिए ‘किसान’ नाम से एक मोबाइल एप्प लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से किसानों को कृषि-मौसम संबंधी परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्य बिंदु  ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (GKMS) परियोजना के तहत IIT रुड़की द्वारा किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल जिले के किसानों ने भाग लिया। भाग लेने वाले किसानों को एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज के बारे में सिखाया गया जो भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और AMFU रुड़की द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान की जाती है। हरिद्वार के छह प्रखंडों के किसानों को पहले से ही सप्ताह में दो बार एग्रोमेट एडवाइजरी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इस किसान एप्प के जरिए मोबाइल फोन के जरिए बुलेटिनों तक पहुंचा जा सकता है। इस एप्प की एक अनूठी विशेषता यह है कि एडवाइजरी बुलेटिन और मौसम पूर्वानुमान केवल उस विशेष ब्लॉक के लिए प्रदर्शित किया जाएगा जिसे किसानों द्वारा चुना गया है...

किसान ड्रोन (Kisan Drones) क्या हैं?

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First Published: February 22, 2022 | Last Updated:February 22, 2022 18 फरवरी, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को अपने खेतों में कीटनाशकों के छिड़काव में मदद करने के लिए भारत के विभिन्न शहरों और कस्बों में 100 किसान ड्रोन को हरी झंडी दिखाई। मुख्य बिंदु  21वीं सदी की आधुनिक कृषि सुविधाओं की दिशा में यह एक नया अध्याय है। यह कदम ड्रोन सेक्टर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और असीमित संभावनाओं को भी खोलेगा। पृष्ठभूमि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के बजट में कृषि और कृषि क्षेत्र के लिए बड़े प्रोत्साहन की घोषणा की। इसके एक भाग के रूप में, केंद्र वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान पूरे भारत में किसानों को डिजिटल और उच्च तकनीक सेवाएं और रासायनिक मुक्त प्राकृतिक खेती देने के लिए किसान ड्रोन, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर देते हुए घोषणा की कि भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, फसल मूल्यांकन और पोषक तत्वों और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए किसान ड्रोन को बढ़ावा दिया जाएगा। ड्रोन शक्ति य...

बारिश से फसल ख़राब होने वाले किसानों को मुआवजा देगी दिल्ली सरकार

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First Published: January 31, 2022 | Last Updated:January 31, 2022 दिल्ली सरकार ने हाल ही में किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ की मंजूरी दी है। इन किसानों को बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ है।बारिश का पानी उनके खेतों में घुस गया और उनकी फसल को नुकसान पहुंचा। राज्य सरकार ने लगभग 29,000 एकड़ के लिए कुल 53 करोड़ रुपये आवंटित किए। मुख्य बिंदु  सितंबर-अक्टूबर 2021 में बेमौसमी बारिश के कारण राजधानी के आसपास के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। इन बारिशों के कारण, आसपास के नालों का पानी गंभीर क्षति के कारण खेतों में बह गया। इस मुद्दे को हल करने के लिए, दिल्ली सरकार ने मुआवजा राशि आवंटित की है। राज्य सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए एक टीम भेजी थी। टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर धनराशि आवंटित की गई है। यदि नुकसान 70% या उससे कम है, तो मुआवजे का भुगतान 70% की दर से किया जाना है। यदि नुकसान 70% से अधिक है तो 100% मुआवजा देना होगा। पृष्ठभूमि दिल्ली सरकार ने हाल ही में क्षेत्र के फसल क्षेत्र का आकलन करने के लिए एक अध्ययन किया। इस अध्ययन के अनुस...

प्रधानमंत्री मोदी पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की 10वीं किश्त जारी करेंगे

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First Published: January 1, 2022 | Last Updated:January 1, 2022 1 जनवरी, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की 10वीं किश्त जारी करेंगे। इस किश्त में 10 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को 20,000 करोड़ रुपये जारी किये जायेंगे। पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) इस योजना के तहत, भारत सरकार छोटे और सीमांत किसानों के खाते में 6,000 रुपये स्थानांतरित करती है। इन पैसों को तीन किश्तों में स्थानांतरित किया जाता है। 2,000 रुपये की पहली किश्त अप्रैल और जून के बीच दी जाती है। दूसरी किश्त अगस्त और नवंबर के बीच दी जाती है। तीसरी किश्त दिसंबर और मार्च के बीच दी जाती है। योजना के बारे में इस योजना को 2018 में शुरू किया गया था। यह योजना उन किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है जिनके पास दो हेक्टेयर तक भूमि है। इस योजना के तहत अब तक भारत सरकार ने 75,000 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। इसका उद्देश्य 125 मिलियन किसानों को कवर करना है। PM-Kisan Portal इस योजना के लाभार्थी PM-Kisan Portal (https://pmkisan.gov.i...