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कार्डियक अटैक के बाद हमारा हार्ट खुद कर सकता है अपना ‘इलाज’, नई स्‍टडी में दावा

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इंसान का शरीर ऐसे सिस्‍टम पर काम करता है, जिसमें वह खुद की देखभाल कर सकता है। वैज्ञानिक इस बात पर रिसर्च कर रहे हैं कि हार्ट अटैक के बाद शरीर खुद को कैसे रिपेयर करता है। वैज्ञानिकों का मकसद उस नजरिए को सामने लाना है, जो ज्‍यादा प्रभावी कार्डियोवैस्कुलर थेरेपी के बारे में बताएगा। फ‍िलहाल एक नई रिसर्च में यह पता चला है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (immune response) और लसीका प्रणाली (lymphatic system यह हमारे इम्‍युन सिस्‍टम का हिस्‍सा होता है) हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने के बाद उसकी मरम्मत करने की क्षमता रखते हैं। इसमें मैक्रोफेज की अहम भूमिका होती है। यह ऐसी विशेष कोशिकाएं हैं, जो बैक्टीरिया को खत्म कर सकती हैं। रिसर्च में पता चला है कि दिल का दौरा पड़ने के बाद मैक्रोफेज यानी विशेष कोशिकाएं VEGFC नाम का एक खास प्रकार का प्रोटीन रिलीज करती हैं। ये विशेष कोशिकाएं पीडि़त व्‍यक्ति के शरीर में मृत ऊतक या टिशू को ‘खाने' के लिए उसके हार्ट में जाती हैं। जहां वह वीईजीएफसी पैदा करती हैं। यह हार्ट से जुड़े इलाज में शरीर की मदद करता है।  दिल को पूरी तरह से ठीक करने के लिए मृ...

विश्व का सबसे बड़ा खादी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया गया

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First Published: January 15, 2022 | Last Updated:January 15, 2022 15 जनवरी, 2022 को, “सेना दिवस” ​​मनाने के लिए, खादी के कपड़े से बना दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया गया। मुख्य बिंदु इसे जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर लोंगेवाला में प्रदर्शित किया गया। लोंगेवाला भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 की ऐतिहासिक लड़ाई का केंद्र चरण था। यह खादी ध्वज का पांचवां सार्वजनिक प्रदर्शन होगा। स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज यह स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज 225 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा है। इसका वजन लगभग 1400 किलोग्राम है। 70 खादी कारीगरों ने 49 दिनों में इस झंडे को तैयार किया। इसके निर्माण से खादी कारीगरों और संबद्ध श्रमिकों के लिए लगभग 3500 मानव-घंटे का अतिरिक्त कार्य हुआ है। यह 33,750 वर्ग फुट के क्षेत्र को कवर करता है। ध्वज में अशोक चक्र का व्यास 30 फीट है। स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज क्यों महत्वपूर्ण है? स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज भारतीयता की सामूहिक भावना के साथ-साथ खादी की विरासत शिल्पकला का प्रतीक है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा ‘आजादी का अमृत महो...

KVIC ने खादी हस्तनिर्मित कागज की चप्पल लॉन्च की

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First Published: January 14, 2022 | Last Updated:January 14, 2022 KVIC का अर्थ खादी और ग्रामोद्योग आयोग है। यह MSME मंत्रालय के तहत काम करता है। इसने हाल ही में हैंड मेड यूज एंड थ्रो पेपर स्लिपर्स और खादी बेबी वियर स्लिपर्स भी लॉन्च किए हैं। खादी बेबी वियर (Khadi Baby Wear) KVIC ने पहली बार बेबी वियर प्रोडक्ट पेश किया है। खादी बेबी वियर को दो साल तक के बच्चे इस्तेमाल कर सकते हैं। यह हाथ से बुनी खादी कपास से बनता है। यह कपास सर्वोच्च गुणवत्ता का होता है। यह त्वचा के अनुकूल और सांस लेने योग्य (breathable) है। चूंकि यह प्राकृतिक रेशों का उपयोग करके बनाया जाता है, इसलिए यह पर्यावरण के अनुकूल है। बच्चे के कपड़े तैयार करने में किसी हानिकारक रंग या रासायनिक उपचार का उपयोग नहीं किया जाता है। यूज़ एंड थ्रो कागज की चप्पल (Use and Throw Paper Slippers) इस उत्पाद को हस्तनिर्मित कागज उद्योग का समर्थन करने के लिए लॉन्च किया गया है। इस लॉन्च से देश में पारंपरिक कला को मजबूती मिलेगी। इससे कारीगरों को रोजगार मिलेगा। यह चप्पल मोटे और मुलायम पेपर बोर्ड से बने होते हैं। ये...