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NASA के सैटेलाइट ने चंद्रग्रहण को खास अंदाज में किया कैद, आप भी देख‍िए

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने पिछले साल अक्‍टूबर में लुसी (Lucy) नाम का सैटेलाइट लॉन्‍च किया था। इस सैटेलाइट ने हाल में देखे गए चंद्रग्रहण को बेहद खास तरीके से तस्‍वीरों में कैद किया है। इस सैटेलाइट को 12 साल की यात्रा पर भेजा गया है। अपने मिशन के दौरान यह सैटेलाइट तमाम एस्‍टरॉयड से जुड़े तथ्‍य सामने रखेगा। यह उन 7 एस्‍टरॉयड की जांच भी करेगा, जो बृहस्‍पति ग्रह के ट्रोजन एस्‍टरॉयड ग्रुप से हैं।  सैटेलाइट ने जब चंद्रग्रहण को देखा, तब यह पृथ्वी से 64 मिलियन मील (100 मिलियन किमी) की दूरी पर था, जो पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी का लगभग 70 प्रतिशत है। मिशन के प्रमुख रिसर्चर और साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टि‍ट्यूट के प्‍लैनेटरी साइंटिस्‍ट हैल लेविसन ने कहा कि कि चंद्र ग्रहण बहुत दुर्लभ नहीं हैं। वो हर साल होते हैं, पर ऐसा अक्सर नहीं होता है कि आपको उन्हें पूरी तरह से नए एंगल से देखने का मौका मिले। लेविसन ने कहा कि जब टीम ने महसूस किया कि लुसी को इस चंद्रग्रहण को देखने का मौका मिला है, तो हर कोई उत्साहित था।  एक्टिंग डेप्‍युटी प्रिंसिपल इन्‍वेस्टिगेटर डॉ. जॉन स्पेंसर ने कहा कि इन इमेजेस...

15 मई को पूर्ण चंद्र ग्रहण के दिन दिखेगा Blood Moon

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2022 का पहला चंद्र ग्रहण मई की 15 तारीख को होना है। यह 15 मई को देर शाम शुरू होगा और 16 मई की सुबह तक रहेगा। नासा इसे ब्लड मून (Blood Moon) कहता है। ऐसा क्यों होता है कि चंद्रमा लाल रंग में दिखाई देने लगता है। हम आपको इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं कि च्रंद्र गहण कब होता है, ब्लड मून कब दिखता है और क्यों दिखता है।    कैसे होता है चंद्र ग्रहण? चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूरज और चांद के बीच आ जाती है। यानि कि 15 मई को जो चंद्र ग्रहण होने जा रहा है वह पृथ्वी के कारण होगा। इस घटना में चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ेगी और रात में चांद पर पड़ने वाली सूरज की रोशनी पृथ्वी के द्वारा रोक ली जाएगी। यह चंद्रग्रहण दुनिया के अधिकतर हिस्सों में देखा जा सकेगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और चांद इस दिन लाल रंग में भी दिखाई देता है।  ब्लड मून कुछ सबसे खूबसूरत खगोलिय घटनाओं में आता है। इस बार 15 मई को होने वाला चंद्रग्रहम रात 10 बजकर 28 मिनट (EDT) पर शुरू होगा और 16 मई को 1 बजकर 55 मिनट (EDT) तक रहेगा। यह दुनिया के अधिकतर हिस्सों में दिखाई देगा लेकिन भारत में इसे नहीं देखा जा सकेगा। इसके ...