Posts

Showing posts with the label तमिलनाडु

अब तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगा मुफ्त नाश्ता : मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन

Image
First Published: May 13, 2022 | Last Updated:May 13, 2022 तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए मुफ्त नाश्ता योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा की गई अन्य घोषणाएं क्या हैं? सीएम द्वारा घोषित अन्य योजनाएं हैं: राज्य में पोषण की कमी को दूर करने के लिए एक योजना। उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना। शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना। ‘CM in Your Constituency’ नामक शिकायत निवारण प्रणाली का विस्तार। राज्य में मुफ्त नाश्ता योजना क्यों शुरू की गई? यह योजना इसलिए शुरू की गई क्योंकि यह पाया गया कि आमतौर पर, कई सरकारी स्कूली बच्चे स्कूल जाने से पहले अपना नाश्ता छोड़ देते हैं। यह उनकी पारिवारिक स्थिति और समय की कमी के कारण है, क्योंकि स्कूल उनके घर से बहुत दूर हैं। महत्व  इस योजना की शुरुआत के साथ, तमिलनाडु भारत का पहला राज्य होगा जो सरकारी स्कूली बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ नाश्ता प्रदान करेगा। किस कक्षा के छात्रों को मुफ्त नाश्ता दिया जाता ...

प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं : सुसाइड मामले की जांच CBI से करवाने के मामले में तमिलनाडु सरकार से SC

Image
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि हाईकोर्ट द्वारा CBI जांच के आदेश को “ प्रतिष्ठा का मुद्दा" ना बनाएं नई दिल्ली: तमिलनाडु (Tamilnadu) में 17 साल की छात्रा लावण्या की मौत के  मामले की CBI जांच जारी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फिलहाल CBI जांच में दखल देने से इनकार किया है हालांकि तमिलनाडु DGP की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता और CBI को नोटिस देकर जवाब मांगा है. तमिलनाडु की ओर से DGP की ओर से मुकुल रोहतगी ने कहा कि ये जहर खाकर खुदकुशी का मामला है, लेकिन हाईकोर्ट इसमें लगातार आदेश दे रहा है. ये कोई धर्म परिवर्तन का मामला नहीं है. सीबीआई को सौंपे जाने के खिलाफ तमिलनाडु पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. यह भी पढ़ें सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि हाईकोर्ट द्वारा CBI जांच के आदेश को “ प्रतिष्ठा का मुद्दा" ना बनाएं.  राज्य पुलिस द्वारा एकत्र किए गए सबूतों को सीबीआई को सौंपा जाए. राज्य के DGP ने मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है. DGP ने कहा है कि हाईकोर्ट के CBI जांच...

तमिलनाडु सरकार का नीट से छूट संबंधी विधेयक राज्यपाल ने वापस लौटाया

Image
राज्यपाल ने तर्क दिया है यह विधेयक ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के हितों के खिलाफ है. चेन्नई: सरकार के एक विधेयक को 'ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के हितों के खिलाफ' बताते हुए तमिलनाडु (Tamil Nadu) के राज्यपाल आरएन रवि (RN Ravi) ने राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (नीट) (NEET) से छूट देने के प्रावधान वाले इस विधेयक को राज्य सरकार को लौटा दिया है. राजभवन की तरफ से जारी एक बयान में इस बात की जानकारी देते हुए कहा गया है कि राज्यपाल ने विधेयक और इस संबंध में राज्य सरकार की गठित एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) एम अप्पावु को लौटा दी है. यह भी पढ़ें तमिलनाडु में छात्रा की खुदकुशी मामले की जांच करेगी CBI : मद्रास हाईकोर्ट राज्यपाल ने तर्क दिया है कि यह विधेयक ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के हितों के खिलाफ है. राजभवन के बयान के मुताबिक, राज्यपाल ‘स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट से छूट देने से संबंधित साल 2021 के एलए बिल संख्या 43 और इस संबंध में राज्य सरकार की गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट का विस्तृत...

तमिलनाडु ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए मसौदा नीति तैयार की

Image
First Published: January 31, 2022 | Last Updated:January 31, 2022 तमिलनाडु सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए नीति का मसौदा (draft policy for senior citizens) तैयार किया है। इस नीति के तहत सरकार की योजना शैक्षणिक संस्थानों, क्षेत्र विशेषज्ञों और नागरिक समाज संगठनों के साथ काम करने की है। यह नीति संविधान के अनुच्छेद 41 के आधार पर बनाई गई है। पॉलिसी की मुख्य विशेषताएं यह नीति सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, स्वास्थ्य और पोषण, आय सुरक्षा, सुरक्षा, आजीविका, सुरक्षा आवास और पर्यावरण, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और अनुसंधान और प्रलेखन पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए निदेशालय बनाना है। यह नीति आजीविका प्रशिक्षण प्रदान करने, बुजुर्ग स्वयं सहायता समूहों के गठन, वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्षमता निर्माण पर प्रकाश डालती है। साथ ही, यह वृद्ध लोगों की सुरक्षा के मुद्दों को भी संबोधित करेगी। यह एक बैंकिंग सहायता कार्यक्रम और पीड़ितों के लिए बचाव केंद्र की एक प्रणाली का निर्माण करेगी। नीति की आवश्यकता राज्य की जीवन प्रत्याशा में वृद्धि हुई है। और...

सोशल मीडिया साइट्स को आपराधिक मामलों में आरोपी क्यों नहीं बनाया जा सकता : कोर्ट

Image
न्यायमूर्ति बी पुगलेंधी ने कहा कि टेक्नोलोजी के दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है मदुरै (तमिलनाडु): मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कल तमिलनाडु सरकार और राज्य पुलिस से जवाब मांगा कि सोशल मीडिया कंपनियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े आपराधिक मामलों में आरोपी या उकसाने वाले के रूप में क्यों शामिल नहीं किया जा सकता. यह तमिलनाडु पुलिस द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में आया है, जिसमें जस्टिस बी पुगलेंधी के समक्ष सुनवाई के लिए आए YouTuber Saattai Duraimurugan को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी. यह भी पढ़ें 'क्या सुब्रमण्यम समिति की सिफारिश लागू करने का इरादा है?', पर्यावरण सेवा याचिका पर SC ने केंद्र को भेजा नोटिस न्यायमूर्ति बी पुगलेंधी ने कहा कि टेक्नोलोजी के दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है और पुलिस से कहा कि वह एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे कि YouTuber दुरईमुरुगन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से वीडियो प्रसारित करके कितना कमाते हैं. न्यायाधीश ने दुरईमुरुगन के वकील से पूछते हुए कहा कि कई लोग पैसे कमाने के लिए मंच का दुरुपयोग कर रहे हैं और कुछ ने यह भी स्वीक...

महिलाओं के लिए तमिलनाडु की नई नीति 2021 : मुख्य बिंदु

Image
First Published: December 31, 2021 | Last Updated:December 31, 2021 तमिलनाडु ने 29 दिसंबर, 2021 को अपनी “महिलाओं के लिए नई नीति 2021” (New Policy for Women 2021) जारी की है। यह नीति पांच साल से अधिक समय तक लागू रहेगी। नई नीति के प्रमुख प्रावधान नई नीति में स्कूल और कॉलेज की लड़कियों के लिए मार्शल आर्ट प्रशिक्षण का प्रावधान है। यह नीति मनरेगा के तहत सभी एकल मुखिया वाले परिवारों और महिला मुखिया वाले परिवारों के लिए 50 और व्यक्ति-दिवसों की व्यवस्था करती है। पंजीकृत पार्टियों में भी महिलाओं को 33.3% प्रतिनिधित्व मिलेगा। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का दायरा विशेष रूप से शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉकों में बढ़ाया जाएगा, ताकि 19 वर्ष तक की आयु की किशोरियों को कवर किया जा सके। इस कदम से उन्हें अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने में मदद मिलेगी। इस नीति का उद्देश्य प्रत्येक वर्ष समाज के वंचित वर्गों से कम से कम 1,000 महिला छात्र शोधकर्ताओं का समर्थन करना है, विशेष रूप से STEM विषयों में। महिलाओं के अनुकूल परिवहन नई नीति के तहत सभी तरह के परिवहन को महिला हितैषी ...