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जल प्रबंधन पर हरियाणा और इज़रायल ने संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए

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First Published: June 21, 2022 | Last Updated:June 21, 2022 हाल ही में, इज़रायल और हरियाणा सरकार ने क्षमता निर्माण और एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन में एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए। मुख्य बिंदु  यह संयुक्त घोषणा एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि भारत और इज़रायल 30 साल के पूर्ण राजनयिक संबंधों का जश्न मना रहे हैं। जल सुरक्षा हमेशा से द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। समझौते के बारे में इस समझौते के तहत, इज़रायल अपनी सबसे उन्नत और अत्याधुनिक जल प्रौद्योगिकियों, विशेषज्ञता और जानकारी को हरियाणा सरकार के साथ साझा करेगा। दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने के लिए इजरायल भारत में अपने सभी भागीदारों के साथ मिलकर काम करेगा। इस संयुक्त घोषणा के माध्यम से, इज़रायल और हरियाणा सरकार जल प्रबंधन क्षेत्र में मौजूदा संबंधों को मजबूत करने, क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार और हरियाणा में सार्वजनिक जल क्षेत्रों में जल संसाधनों को संरक्षित करने का प्रयास करेगी। भारत-इजरायल राजनयिक संबंध भारत ने 1950 में इज़रायल को आधिक...

HomoSEP: सेप्टिक टैंक को साफ करने के लिए IIT मद्रास ने रोबोट बनाया

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First Published: June 21, 2022 | Last Updated:June 21, 2022 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ने सेप्टिक टैंक को साफ करने और भारत में हाथ से मैला ढोने की प्रथा को खत्म करने के लिए एक रोबोट विकसित किया है। इसे फील्ड में लगाने की तैयारी है। इस रोबोट का नाम HomoSEP है। मुख्य बिंदु  पूरे तमिलनाडु में कुल दस रोबोट तैनात करने की योजना है। शोधकर्ता स्थानों की पहचान के लिए स्वच्छता कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ स्थानों पर भी विचार किया जा रहा है। यह रोबोट किसने विकसित किया है? HomoSEP रोबोट को IIT मद्रास के प्रो. प्रभु राजगोपाल के नेतृत्व में एक टीम ने IIT मद्रास-इनक्यूबेटेड स्टार्ट-अप सोलिनास इंटीग्रिटी प्राइवेट लिमिटेड (Solinas Integrity Private Limited) के सहयोग से विकसित किया है। यह सफाई कर्मचारी आंदोलन  एनजीओ द्वारा भी समर्थित है, जो भारत में मैला ढोने की प्रथा को खत्म करने के लिए समर्पित है। सेप्टिक टैंक कैसे खतरनाक हैं? सेप्टिक टैंक एक जहरीला वातावरण है। यह अर्ध-ठोस और अर्ध-द्रव मानव मल सामग्री से भरा होता है।...

चीन ने सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत “फ़ुज़ियान” (Fujian) लॉन्च किया

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First Published: June 20, 2022 | Last Updated:June 20, 2022 17 जून, 2022 को चीन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी नौसेना की सीमा का विस्तार करने के लिए “फ़ुज़ियान” नाम से अपना तीसरा विमानवाहक पोत लॉन्च किया। फ़ुज़ियान विमानवाहक पोत ( Fujian Aircraft Carrier) यह विमानवाहक पोत सबसे उन्नत और पहला “पूरी तरह से घरेलू रूप से निर्मित” नौसैनिक पोत है। इसे शंघाई के जियांगन शिपयार्ड में एक संक्षिप्त समारोह में लॉन्च किया गया। यह पहला घरेलू डिजाइन और निर्मित कैटापल्ट विमानवाहक पोत है। पृष्ठभूमि शंघाई के COVID-19 लॉकडाउन के कारण फ़ुज़ियान जहाज के  लांच में दो महीने की देरी हुई। इस जहाज का निर्माण किसने किया? यह विमानवाहक पोत चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा बनाया गया है। फ़ुज़ियान की विशेषताएं फ़ुज़ियान में 80,000 टन से अधिक की विस्थापन क्षमता है। यह अरेस्टिंग डिवाइसेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट्स से लैस है। इसका नाम चीन के फ़ुज़ियान प्रांत के नाम पर रखा गया है। चीन के अन्य विमानवाहक पोत लियाओनिंग (Liaoning) चीन का पहला विमानवा...

नई खोज : 43 करोड़ साल से लग रही जंगलों में आग, वैज्ञानिकों ने खोज निकाली वह जगह

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जंगलों में लगने वाली आग ने हाल के वर्षों में जानवरों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा पैदा किया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जंगलों में आग करोड़ों वर्षों से लगती रही है। वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसी पुरानी जंगल की आग की खोज की है। वेल्स (Wales) और पोलैंड (Poland) में पाए गए 43 करोड़ वर्ष पुराने चारकोल की मदद से इसका पता चला है। यानी 43 करोड़ साल पहले जंगलों में आग लगती थी। इससे पता चलता है कि सिलुरियन (Silurian period) काल के दौरान पृथ्वी पर जीवन कैसा था। उस समय पौधे का जीवन दोबारा जीवन के लिए काफी हद तक पानी पर निर्भर होता था। सूखे इलाकों में पौधों के पनपने की संभावना नहीं होती थी। तब जंगलों में आग ज्‍यादातर बार छोटी वनस्‍पति के जरिए ही लगती थी।  रिसर्चर्स के अनुसार, प्राचीन फंगस ‘प्रोटोटैक्साइट्स' (Prototaxites) पेड़ों के बजाए पर्यावरण पर हावी रहे होंगे। इनके सटीक आकार का तो पता नहीं, पर कहा जाता है कि यह लगभग 30 फीट की ऊंचाई तक रहे होंगे।  रिपोर्ट के अनुसार, जंगल की आग को लंबे समय तक टिके रहने के लिए ईंधन की जरूरत होती होगी। यह काम पौधे करते होंगे। इसके अलावा, आग लगने के लिए ब...

45 साल तक स्पेस डेटा भेजने वाले Voyager स्पेस क्राफ्ट की पावर हो रही खत्म, NASA ने जताया साथ छूटने का दुख!

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नासा ने 45 साल पहले जो स्पेस क्राफ्ट अंतरिक्ष में छोड़े थे, अब उनका सफर जल्द ही थम जाएगा क्योंकि स्पेस क्राफ्ट की पावर खत्म होने वाली है। इन्हें वोयेजर (Voyager) स्पेस क्राफ्ट के नाम से जाना जाता है जो आज से 44.5 साल पहले अंतरिक्ष में स्थापित किए गए थे। उस वक्त नासा ने जुड़वां स्पेस क्राफ्ट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किए थे। अब दोनों ही स्पेस क्राफ्ट पावर शॉर्टेज के चलते बंद होने वाले हैं।  NASA ने एक रिपोर्ट में बताया है कि उसने 1977 में Voyager स्पेस व्हीकल 1 और व्हीकल 2 को अंतरिक्ष में छोड़ा था। इनमें से व्हीकल 1 अपनी मियाद से बहुत ज्यादा चल चुका है। नासा का कहना है कि जितने साल यह व्हीकल चल पाया है उतना मानव के द्वारा बनाया गया कोई और दूसरा स्पेस व्हीकल नहीं चला है। लेकिन जल्द ही यह व्हीकल इतिहास बन जाएगा। साइंटिफिक अमेरिकन (Scientific American) की रिपोर्ट कहती है कि अब व्हीकल का सफर खत्म होने का समय आ गया है और जल्द ही यह अलविदा कह देगा।  जॉन हॉकिंस यूनिवर्सिटी के राल्फ मैकनट रिपोर्ट में कहते हैं, "इस बात को बीते साढ़े 44 साल हो चुके हैं। व्हीकल की जितनी वारंटी हमने दी ...

केरल ने Asia’s Global Start-up Ecosystem Report में पहला स्थान हासिल किया

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First Published: June 17, 2022 | Last Updated:June 17, 2022 Asia’s Global Start-up Ecosystem Report हाल ही में लंदन टेक वीक 2022 के आलोक में 14 जून, 2022 को जारी की गई। मुख्य बिंदु  इस रिपोर्ट में, केरल में स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को एशिया में पहले स्थान पर रखा गया है। अफोर्डेबल टैलेंट के मामले में केरल को चौथे स्थान पर रखा गया है। यह रिपोर्ट केरल स्टार्ट-अप मिशन (KSUM) द्वारा इसे स्टार्ट-अप पावर हाउस के रूप में स्थापित करने के लिए उठाए गए रचनात्मक कदमों को मान्यता देती है। यह रैंकिंग केरल को स्टार्ट-अप का एक मजबूत नेटवर्क बनाने में मदद करेगी जो इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। GSER GSER को वैश्विक सरकारों, प्रेरक स्टार्ट-अप संस्थापकों, निवेशकों और कॉर्पोरेट नेताओं को समाज के लिए प्रौद्योगिकी की शक्ति पर चर्चा करने के लिए एक साथ लाने के लिए जारी किया गया था। इस साल नीति सलाहकार और अनुसंधान संगठन स्टार्ट-अप जीनोम और ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क ने संयुक्त रूप से रैंकिंग तय की है। पहली बार GSER 2020 में प्रकाशित हुई थी। 2020...

वैज्ञानिकों ने खोज निकाले पृथ्‍वी जैसे दो ग्रह, क्‍या मुमकिन होगी एक और दुनिया?

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पृथ्‍वी से बाहर जीवन की खोज और पृथ्‍वी जैसे ग्रहों की तलाश में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में नई कामयाबी हाथ लगी है। पृथ्‍वी जैसे दो ग्रहों वाला एक सौर मंडल हमसे काफी करीब लगभग 33 प्रकाश वर्ष दूर खोज लिया गया है। वैसे यह खोज पिछले साल अक्‍टूबर में ही हो गई थी, लेकिन साइंटिस्‍ट इसे पुख्‍ता कर रहे थे। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) ने इसे देखा था। आखिरकार 16 जून को कैलिफोर्निया में अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी की एक बैठक में इसकी घोषणा की गई। इस खोज के बाद अहम सवाल यह उठता है कि क्‍या इन ग्रहों में जीवन संभव है? क्‍या पृथ्‍वी की तरह एक और दुनिया आने वाले वक्‍त में मुमकिन हो सकती है?  रिपोर्ट के अनुसार, इस सवाल का जवाब फ‍िलहाल तो ‘नहीं' में उत्‍तर देता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारे पड़ोसी सौर मंडल में पृथ्वी के आकार वाले कम से कम दो चट्टानी ग्रह भले मौजूद हों, लेकिन इनमें से किसी के भी जीवन की मेजबानी करने की संभावना नहीं है।  इन दो ग्रहों में से एक का नाम HD 260655b बताया गया है। यह पृथ्वी से लगभग 1.2 गुना बड़ा ...

NASA के यान ने मंगल ग्रह पर देखी चमकदार वस्तु, वैज्ञानिकों ने बताई सच्चाई

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NASA के पर्सीवरेंस रोवर (Perseverance Rover) ने मंगल ग्रह (Mars Planet) पर चमकते धातु जैसी दिखने वाली एक वस्तु की फोटो कैप्चर की है, जिसने साइंटिस्ट व रिसर्चर्स को हैरान कर दिया है। कैप्चर की गई तस्वीर को NASA ने सार्वजनिक रूप से शेयर भी किया, जिसमें चट्टानों के बीच में एक पत्थर जैसा ऑब्जेक्ट है, जो चमक रहा है। हालांकि, जब वैज्ञानिकों ने तस्वीर को बारीकी से जांचा, तो पाया कि ये पर्सीवरेंस रोवर द्वारा फैलाया हुआ कचरा था।  बीते बुधवार को, NASA के Perseverance Mars Rover ट्विटर हैंडल से ट्वीट की एक सीरीज पोस्ट की गई, जिसमें पर्सीवरेंस रोवर द्वारा मंगल ग्रह पर एक चमकने वाली वस्तु की फोटो को शेयर किया गया। इस तस्वीर में मंगल ग्रह पर चट्टानों के बीच एक वस्तु दिखाई दे रही है, जो सिल्वर रंग की चमक फेंक रही है। फोटो के साथ ही पोस्ट में कुछ जानकारियां भी दी गई है।   My team has spotted something unexpected: It's a piece of a thermal blanket that they think may have come from my descent stage, the rocket-powered jet pack that set me down on landing day back in 2021. pic.twitter.com/O4rIaE...

वैज्ञानिकों ने खोजा ‘दानव ब्‍लैकहोल’, हर सेकंड हमारी पृथ्‍वी जितना बढ़ रहा, आकाशगंगा को भी निगलने की है ताकत

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वैज्ञानिकों को एक ऐसे ब्‍लैक होल के बारे में पता चला है, जिसका आकार हर सेकंड हमारी पृथ्‍वी के आकार जितना बढ़ रहा है। इस जानकारी ने साइंटिस्‍टों को हैरान कर दिया है, क्‍योंकि कोई भी ब्‍लैक होल इतनी तेजी से डिवेलप नहीं होता। पता चला है कि इस विशालकाय ब्लैक होल का द्रव्यमान हमारे सूर्य के द्रव्यमान का 3 अरब गुना है। खास बात यह भी है कि इस आकार के दूसरे ब्‍लैक होल अरबों साल पहले बढ़ना बंद हो गए थे, लेकिन यह अब भी विस्‍तार कर रहा है। बताया जाता है कि यह ब्‍लैक होल हमारी गैलेक्‍सी के हार्ट में मौजूद सैगिटेरियस ए (Sagittarius A) ब्‍लैक होल से भी लगभग 500 गुना बड़ा है। यह पूरी आकाशगंगा को किसी दानव की तरह निगल सकता है।   space.com के अनुसार, रिसर्चर्स का मानना है कि यह ब्लैक होल पिछले 9 अरब साल में सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्लैक होल है। आखिर इसके अब तक विस्‍तार करने की क्‍या वजह हो सकती है। इस बारे में  ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (ANU) में रिसर्च स्कूल ऑफ एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के प्रमुख रिसर्चर क्रिस्टोफर ओन्केन ने कहा है कि संभवत: दो बड़ी आकाशगंगाओं के एक-दूसरे से टकराने की वज...

बिग बैंग के तुरंत बाद नहीं बना था यूनिवर्स, वैज्ञानिकों ने शेयर की चौंकाने वाली जानकारियां

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अंतरिक्ष में कुछ दूर की वस्तुओं से प्रकाश का विश्लेषण करते हुए, एस्ट्रोनॉमर्स की एक टीम ने हमारे यूनिवर्स के बनने में हुई कई महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक के बारे में कुछ अहम जानकारियां इकट्ठी की हैं। रिसर्चर्स की इस टीम ने पता लगाया है कि उन्होंने जितना सोचा था, उससे बहुत बाद में कॉस्मिक डॉन (Cosmic Dawn) समाप्त हुआ था। यदि आप सोच रहे हैं कि कॉस्मिक डॉन का क्या मतलब है, तो बता दें कि बिग बैंग विस्फोट के बाद यूनिवर्स के निर्माण के लिए मंच तैयार होने के बाद भी यह लाखों वर्षों तक हाइड्रोजन से घिरा रहा। इसके बाद, बिल्कुल नए बने तारों और गैलेक्सी से लाइट ने हाइड्रोजन को आयनित किया और इसे छांट दिया और इस तरह धीरे-धीरे इसे गायब कर दिया। इस अवधि को एस्ट्रोनॉमर्स ने कॉस्मिक डॉन के रूप में वर्णित किया है। वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स यह निर्धारित करने में सक्षम हैं कि कॉस्मिक डॉन कब शुरू हुआ, लेकिन इसका अंत बहस का विषय बना हुआ है। इस रहस्य पर और रोशनी डालने के लिए, मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी, जर्मनी के एस्ट्रोनॉमर्स की एक टीम ने बेहद दूर की वस्तुओं से लाइट का उपयोग किया और निष्कर्ष ...

इंसान की आंख जैसी यह क्‍या चीज है मंगल ग्रह पर? स्‍पेस एजेंसी ने समझाया

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मंगल ग्रह पर दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंस‍ियों ने अपने मिशन भेजे हैं। इन्‍हीं में से एक मिशन के तहत यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के मार्स एक्सप्रेस मिशन ने लाल ग्रह के दक्षिणी गोलार्ध में गड्ढे की आकृति वाले क्षेत्र, एओनिया टेरा (Aonia Terra) में एक इमेज को कैप्‍चर किया है। पहली नजर में देखने पर ऐसा लगता है कि ग्रह पर एक विशालकाय आंख मौजूद है, जो हमेशा खुली रहती है। हालांकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। तस्‍वीर भले ही आंखनुमा कोई स्‍ट्रक्‍चर हो, पर यह इस ग्रह की जियोलॉजी को बेहतर तरीके से दिखा सकती है। माना जाता है कि लगभग 4 अरब साल पहले इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ऐसे गड्ढे उभर आए थे और यह सब हमारे सोलर सिस्‍टम के शुरुआती समय में हुई उथल-पुथल का नतीजा था।  कुछ दिन पहले ESA ने एक बयान जारी किया था। उससे ऐसा लग रहा था कि एजेंसी कोई साइंस फिक्शन हॉरर फिल्म लिखने की योजना बना रही है। उसके स्‍टेटमेंट का टाइटल था- ‘मार्स स्लीप्स विद वन आई ओपन'। अपने स्‍टेटमेंट में ईएसए ने बताया है कि यह इमेज और ऐसे गड्ढे आज से 3.5 से 4 अरब साल पहले लिक्विड वॉटर के लिए किसी तरह की सप्‍लाई में मदद करते...

यूरोपीय संसद ने पेट्रोल और डीजल कारों पर प्रतिबंध लगाने के लिए मतदान किया

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First Published: June 13, 2022 | Last Updated:June 13, 2022 यूरोपीय संसद के सदस्यों ने हाल ही में 2035 तक नई पेट्रोल और डीजल कारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए मतदान किया। मुख्य बिंदु  यह मतदान एक संशोधन पर आयोजित किया गया था, जिसने 2035 के बाद नए वाहनों के माध्यम से कुछ ऑटो उत्सर्जन की अनुमति दी थी। इस संशोधन को संसद सदस्यों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। यूरोपीय संघ विधानसभा ने अगले दशक के मध्य तक वाहन निर्माताओं को 100% कार्बन-डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कटौती करने की आवश्यकता के लिए स्ट्रासबर्ग, फ्रांस में मतदान किया। यह यूरोपीय संघ के 27 देशों में पेट्रोल या डीजल से चलने वाली नई कारों की बिक्री पर प्रतिबंध के समान होगा। ऐसा क्यों हुआ? यूरोप इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से विकास द्वारा जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जीवाश्म ईंधन बिक्री पर प्रतिबंध लगाना चाहता है। यूरोपीय संसद के सदस्यों को अभी भी यूरोप में 27 राष्ट्रीय सरकारों के मंत्रियों के साथ अंतिम कानून पर बातचीत करनी होगी। इस कानून का अंतिम स्वरूप 2022...

महान क्रिकेटर मिताली राज (Mithali Raj) ने संन्यास की घोषणा की

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First Published: June 10, 2022 | Last Updated:June 10, 2022 महान भारतीय महिला क्रिकेटर मिताली राज ने 8 जून, 2022 को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने हाल ही में महिला विश्व कप 2022 में भारतीय टीम का नेतृत्व किया, जो हाल ही में न्यूजीलैंड में संपन्न हुआ था। मिताली राज कौन हैं ? मिताली दोराई राज एक भारतीय क्रिकेटर हैं। दाएं हाथ की बल्लेबाज के रूप में, वह 1999 और 2022 के बीच भारत के लिए खेली। उन्होंने 2004 और 2022 के बीच भारत के लिए कप्तानी की। उनके पास महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है। मिताली राज के नाम दर्ज रिकॉर्ड मिताली राज के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कई रिकॉर्ड हैं। वह एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 7,000 से अधिक रन बनाने वाली एकमात्र महिला क्रिकेटर हैं। वह वनडे में लगातार 7 अर्द्धशतक बनाने वाली पहली खिलाड़ी हैं। इसके अलावा उनके नाम महिला वनडे में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड है। 2018 महिला ट्वेंटी 20 एशिया कप के दौरान, वह पुरुष या महिला के बीच भारत की पहली खिलाड़ी बन...

NHAI ने 105 घंटे में 75 किलोमीटर लम्बी सड़क बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

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First Published: June 10, 2022 | Last Updated:June 10, 2022 भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने महाराष्ट्र के अमरावती और अकोला जिलों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर 105 घंटे और 33 मिनट में, 75 किलोमीटर की सबसे लंबी निरंतर बिटुमिनस लेन के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। मुख्य बिंदु इस परियोजना को स्वतंत्र सलाहकारों की एक टीम सहित 720 श्रमिकों द्वारा कार्यान्वित किया गया था। इस सिंगल लेन निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट रोड की कुल लंबाई 37.5 किलोमीटर टू-लेन पक्की शोल्डर रोड के बराबर है। इस सड़क पर काम 3 जून 2022 को शुरू हुआ था और 7 जून को पूरा हुआ था। पिछला रिकॉर्ड फरवरी 2019 में कतर के दोहा में 25.275 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया था। यह कार्य 10 दिनों में पूरा किया गया था। अमरावती से अकोला रोड अमरावती से अकोला खंड NH53 का हिस्सा है। यह एक महत्वपूर्ण पूर्व-पूर्व गलियारा है, जो कोलकाता, रायपुर, सूरत और नागपुर जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस खंड के पूरा होने के बाद, यह मार्ग पर यातायात और माल की आवाजाही को आसान बनाने में महत्वपूर...

रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी

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First Published: June 9, 2022 | Last Updated:June 9, 2022 6 जून, 2022 को, रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने घरेलू उद्योगों से 76,390 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरण प्लेटफॉर्म की खरीद को मंजूरी दी। मुख्य बिंदु इन खरीद प्रस्तावों को DAC ने मंजूरी दे दी, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। DAC ने भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के कोरवेट की खरीद को भी मंजूरी दी। इसे 36,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई है। DAC ने स्वदेशीकरण को बढ़ाने पर ध्यान देने के साथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा Su-30 MKI एयरो-इंजन और डोर्नियर विमान के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। भारतीय सेना के लिए खरीद DAC ने भारतीय सेना के लिए रफ टेरेन फोर्क लिफ्ट ट्रक (RTFLTs) की खरीद के लिए मंजूरी दी। पहिएदार बख्तरबंद लड़ाकू वाहन (Wh AFVs), ब्रिज बिछाने वाले टैंक (BLTs), और वेपन लोकेटिंग रडार (WLRs) को भी घरेलू स्रोतों के माध्यम से अनुमोदित किया गया था। स्वदेशी डिजाइन और विकास पर जोर दिया गया है। डिजिटल तटरक्षक परियोजना रक्षा में डिजिटल ...

महाराष्ट्र ने नए रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य को मंज़ूरी दी

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First Published: June 9, 2022 | Last Updated:June 9, 2022 महाराष्ट्र राज्य वन्यजीव बोर्ड (MSBWL) ने हाल ही में वन्यजीव संरक्षण आंदोलन और पर्यावरण संरक्षण आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए 12 नए संरक्षण भंडार और 3 वन्यजीव अभयारण्यों को मंजूरी दी है। मुख्य बिंदु इन संरक्षित क्षेत्रों का क्षेत्रफल लगभग 1,000 वर्ग किमी होगा। इसमें 692.74 वर्ग किमी का क्षेत्र संरक्षण भंडार (conservation reserves) के लिए होगा जबकि 303 वर्ग किमी का क्षेत्र वन्यजीव अभयारण्यों के लिए होगा। निम्नलिखित संरक्षण भंडारों की अधिसूचना के लिए स्वीकृति दी गई: धुले में चिवतीबावरी और अललदारी नासिको में कलवान, मुरगड, त्र्यंबकेश्वर और इगतपुरी रायगढ़ जिले में रायगढ़ और रोहा पुणे में भोर सतारा में दारे खुर्द कोल्हापुर में मसाई पठार  नागपुर में मोगरकासा। इस मंजूरी से राज्य को 3 नए वन्यजीव अभ्यारण्य भी मिलेंगे: लोनार वन्यजीव अभयारण्य का विस्तार गढ़चिरौली में कोलामार्का- यह क्षेत्र वामपंथी चरमपंथियों की उपस्थिति से प्रभावित है। इसने एशियाई जंगली भैंसों को खतरे में डाल दिया है। ...

हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कैप्चर की दुनिया की सबसे बड़ी नियर-इन्फ्रारेड फोटो, आप भी देखें

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वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) की अब तक की सबसे बड़ी नियर-इंन्फ्रारेड फोटो जारी की है, जिससे एस्ट्रोनोमर्स को यूनिवर्स के तारे बनाने वाले क्षेत्रों का नक्शा बनाने और यह जानने का मौका मिलता है कि सबसे पुरानी, ​​​​सबसे दूर की गैलेक्सी का निर्माण कैसे हुआ। 3D-DASH नाम का यह हाई-रिजॉल्यूशन स्कैन रिसर्चर्स को James Webb Space Telescope के साथ चल रही स्टडी के लिए असामान्य वस्तुओं और लक्ष्यों का पता लगाने का मौका भी देगा। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को हाल ही में एक दशक लंबे मिशन पर लॉन्च किया गया था। 3D-DASH रिसर्चर्स को पूरे COSMOS क्षेत्र का फुल नियर-इन्फ्रारेड सर्वे करने का मौका देगा। नियर-इन्फ्रारेड का मतलब है कि एस्ट्रोनोमर्स सबसे दूर की गैलेक्सी का भी पता लगा सकते हैं, क्योंकि यह हबल द्वारा देखी गई सबसे लंबी और सबसे लाल वेवलैंथ है। अब तक, इतनी बड़ी तस्वीर केवल जमीन से ही प्राप्त की जा सकती थी। यूनिवर्स की सबसे विशाल गैलेक्सी, अत्यधिक एक्टिव ब्लैक होल, और टकराने और विलीन होने की कगार पर मौजूद गैलेक्सी जैसी अनूठी घटनाओं की पहचान के ल...

NCC ने ‘पुनीत सागर अभियान’ (Puneet Sagar Abhiyan) का आयोजन किया

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First Published: June 7, 2022 | Last Updated:June 7, 2022 NCC ने 30 मई, 2022 को ‘पुनीत सागर अभियान’ शुरू किया। यह 5 जून, 2022 तक जारी रहा, जो विश्व पर्यावरण दिवस का प्रतीक है। मुख्य बिंदु इस अभियान में 10 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 74,000 कैडेटों ने भाग लिया। NCC कैडेटों के साथ NCC के पूर्व छात्रों, स्थानीय लोगों और पूरे भारत में कई स्थानों पर पर्यटकों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इस अभियान के दौरान एकत्र किए गए कचरे को सरकार/निजी एजेंसियों के सहयोग से पर्यावरण के अनुकूल तरीके से निपटाया गया। इस अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर ड्राइंग, निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग, लेख लेखन, कविता, वाद-विवाद आदि का भी आयोजन किया गया। यह अभियान क्यों शुरू किया गया था? पुनीत सागर अभियान NCC द्वारा समुद्र तटों और नदियों और झीलों सहित अन्य जल निकायों को प्लास्टिक और अन्य कचरे को हटाकर साफ करने के लिए शुरू किया गया था। यह अभियान समुद्र तटों और नदी के किनारों को साफ रखने के महत्व के बारे में स्थानीय आबादी के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करता है। यह स...

NASA ने शेयर किया बादलों से घिरे Jupiter का अद्भुत वीडियो, आप भी देखें

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NASA ने अपने जूनोकैम द्वारा लिए गए अदभुत तस्वीरों के जरिए एक अनिमेशन तैयार किया है, जिसमें बृहस्पति ग्रह (Jupiter) बादलों से ढका नजर आ रहा है।  अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने इस वीडियो को सभी के साथ शेयर भी किया है। यह एक तरह का टाइमलैप्स एनिमेशन है। एजेंसी ने जानकारी दी कि 9 अप्रैल, 2022 को, नासा के जूनो अंतरिक्ष यान (Juno Spacecraft) ने बृहस्पति के अपने 41वें क्लोज फ्लाईबाई को पूरा किया और उस समय, इसके जूनोकैम ने बृहस्पति को इस तरह कैप्चर किया कि मानो आप खुद अपनी आखों से उसे देख रहे हो। NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) ने अपने Instagram अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें जुपिटर को नजदीक से दिखाया गया है। छोटे से एनिमेटिड वीडियो में जुपिटर ग्रह बादलो से ढका हुआ दिखाई दे रहा है। खबर लिखते समय तक, इस वीडियो को 2,82,000 बार देखा जा चुका था। वीडियो को NASA के जूनो स्पेसक्राफ्ट में लगे जूनोकैम द्वारा ली गई तस्वीरों को जोड़ कर बनाया गया है।    पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, (अनुवादित) "9 अप्रैल, 2022 को @nasa के जूनो अंतरिक्ष यान ने #Jupiter का 41वां नजदीकी फ्लाईबाई पूरा किया। इसके ...

तुर्की ने अपना आधिकारिक नाम बदलकर तुर्किये (Türkiye) किया

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First Published: June 6, 2022 | Last Updated:June 6, 2022 संयुक्त राष्ट्र में, तुर्की को अब तुर्किये (Türkiye) के नाम से जाना जाएगा। संयुक्त राष्ट्र को मई 2022 में अंकारा से एक अनुरोध प्राप्त हुआ था। नाम को रीब्रांड करने की प्रक्रिया नाम को रीब्रांड करने की प्रक्रिया वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। इस नाम को तुर्किये के रूप में चुना गया था जो तुर्की राष्ट्र की संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों को बेहतरीन तरीके से दर्शाता है और व्यक्त करता है। स्थानीय लोग अपने देश को तुर्किये के रूप में संदर्भित करते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, इसके अंग्रेजी संस्करण “टर्की” को अपनाया गया था। नाम बदलने का कारण राज्य प्रसारक TRT की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1923 में देश की आजादी के बाद ‘तुर्की/टर्की’ शब्द को अपनाया गया था। अतीत में, यूरोपीय लोगों ने ओटोमन राज्य और तुर्किये को कई नामों से संदर्भित किया है। लेकिन जो नाम सबसे ज्यादा अटका है वह है “टर्की”। इस प्रकार, ‘टर्की’ शब्द के लिए Google खोज परिणामों से देश की सरकार खुश नहीं थी। कुछ परिणामों में एक बड़ा पक्षी शामिल था जि...