केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर रोक लगाई

केंद्र सरकार ने चीनी सीजन 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगाने के लिए 1 जून, 2022 से चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है । आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर के त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ जाती है और इसलिए सरकार इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य बिंदु 

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार, चीनी (कच्ची, परिष्कृत और सफेद चीनी) के निर्यात को 1 जून, 2022 से प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। हालाँकि, ये प्रतिबंध CXL और टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका को निर्यात की जाने वाली चीनी पर लागू नहीं होते हैं। 

सरकार की प्राथमिकता घरेलू बाजार में उचित दर पर खपत के लिए चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और अधिक चीनी को इथेनॉल उत्पादन में बदलना है।

हालांकि, किसान निर्यात नियंत्रण को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें निर्यात नियंत्रण का बहाना बताते हुए व्यापारियों से कम भुगतान मिलेगा। कुछ किसान समूहों का कहना है कि देश में चीनी का उत्पादन काफी अधिक है और मानसून की रिपोर्ट भी सामान्य हैं। इसलिए उनका मानना ​​है कि प्रतिबंध लगाने से पहले सरकार को इन कारकों पर विचार करना चाहिए था।

भारत में चीनी का थोक मूल्य ₹3,150-₹3,500 प्रति क्विंटल के बीच है। विश्व स्तर पर चीनी की कमी मुख्य रूप से ब्राजील में कम उत्पादन के कारण है, जो चीनी के शीर्ष उत्पादकों में से एक है।

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